विधानसभा समिति की सख्ती के बाद बोकारो थर्मल पहुंची प्रदूषण बोर्ड की टीम, ऐश पौंड की हालत पर जताई चिंता

Bokaro: झारखंड विधानसभा की समिति के कड़े निर्देश के बाद मंगलवार को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच अधिकारी स्वागता महतो ने...

Bokaro: झारखंड विधानसभा की समिति के कड़े निर्देश के बाद मंगलवार को राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जांच अधिकारी स्वागता महतो ने बोकारो थर्मल का दौरा किया.उन्होंने डीवीसी के ऐश पौंड और कोनार नदी में हुए प्रदूषण मामले की विस्तृत पड़ताल की.

पाइप फटने से नदी में पहुंची राख

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि बीते शनिवार को बाजारटांड़ के पास पाइप लाइन फटने से भारी मात्रा में छाई यानी राख बहकर सीधे कोनार नदी में मिल गई थी.हालांकि सोमवार को हुई तेज बारिश के कारण नदी के बीच में जमा अधिकतर राख बह गई,लेकिन किनारों पर अब भी राख की परतें जमी हुई मिलीं,जो जलीय पर्यावरण के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

कई स्थानों का किया निरीक्षण

जांच अधिकारी ने डीवीसी के विभागीय डीजीएम तीताबर रहमान और वरीय प्रबंधक सचिन बोदलकर के साथ निशन हाट पुलिया,मुर्गी फार्म के पास खेतों और बाजारटांड़ स्थित पाइप फटने वाले स्थान का निरीक्षण किया.इसके बाद टीम ने डीवीसी के ऐश पौंड,सेटलिंग पौंड और रिसाइकिल सिस्टम का भी जायजा लिया.

ऐश पौंड में ओवरलोड की स्थिति

निरीक्षण में डीवीसी के दोनों ऐश पौंड पूरी तरह राख से भरे हुए मिले और वहां राख के ऊंचे-ऊंचे ढेर नजर आए.जांच अधिकारी ने इस ओवरलोड स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए इसे पर्यावरण के लिए खतरनाक बताया.

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प्रबंधन ने दी सफाई

ऐश पौंड पर देर से पहुंचे वरीय मैनेजर तपन पाल और मैनेजर सिविल अमित कुमार ने बताया कि फिलहाल 18 हाईवा के जरिए हर दिन करीब 1700 से 1800 मीट्रिक टन राख का उठाव कर उसे नेशनल हाईवे और लो-लाइन क्षेत्रों की भराई में इस्तेमाल किया जा रहा है.उन्होंने माना कि पौंड पर दबाव है,लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में है.

जांच अधिकारी की सख्त चेतावनी

दूसरी ओर जांच अधिकारी स्वागता महतो ने साफ कहा कि राख का सही प्रबंधन नहीं हो रहा है और वह जगह-जगह बिखरी हुई है.उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में पाइप फटने जैसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.साथ ही यह भी कहा कि पौंड में मौजूद कुल राख और रोजाना उठाव की अलग से तकनीकी जांच कराई जाएगी.

मामला विधायक ने उठाया था

गौरतलब है कि इस मामले को दामोदर बचाओ आंदोलन के संरक्षक सह विधायक सरयू राय ने प्रमुखता से उठाया था.उन्होंने विधानसभा समिति,बोकारो डीसी और प्रदूषण बोर्ड से इसकी शिकायत की थी.

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