Newswave Desk: अगर आपने बैंक से लोन लिया है तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. RBI ने लोन रिकवरी से जुड़े नए ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं. इन नियमों के तहत अगर कोई लोन NPA हो जाता है और बाकी रिकवरी के तरीके फेल हो जाते हैं, तो बैंक कुछ खास परिस्थितियों में आपकी संपत्ति अपने कब्जे में ले सकता है.
जानिए क्या हैं नए नियम ?
बता दें, इन नए ड्राफ़्ट नियमों के तहत, बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) लोन रिकवरी प्रक्रिया के दौरान अचल संपत्तियां सिर्फ असाधारण परिस्थितियों में ही हासिल कर पाएंगी. इसके अलावा, सेंट्रल बैंक ने साफ-साफ कहा कि रेगुलेटेड एंटिटीज़ (REs) से सामान्य परिस्थितियों में, अपनी नियमित लोन देने की गतिविधियों के बदले में, गैर-वित्तीय संपत्तियों पर कब्ज़ा करने की उम्मीद नहीं की जाती है.

इन नए रूल के मुताबिक, खराब लोन (NPA) जुड़े एसेट्स डिस्पोज़ल के नियम बताता है. RBI RBI का कहना है कि रिकवरी को ज़्यादा से ज़्यादा करने के लिए, ऐसे एसेट्स को एक तय समय में और ट्रांसपेरेंट तरीके से बेचना या डिस्पोज़ल करना जरूरी है. ये नियम केवल उन लोन पर लागू होते हैं जिन्हें पहले ही NPA घोषित कर दिया गया हैयानी बैड डेब्ट.
इसके साथ ही, बैंक को सबसे पहले बाकी सभी वसूली के तरीके आजमाने होंगे. इसके बावजूद भी अगर पैसा नहीं मिला. तब ये प्रावधान लागू किया जाएगा. स्पेसिफाइड नॉन फाइनेंशियल एसेट यानी ऐसी अचल संपत्ति (जमीन, मकान, बिल्डिंग आदि) को बैंक या वित्तीय संस्था कर्ज की वसूली के बदले लोन लेने वाले से अपने कब्जे में लेगा.
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