Newswave Desk: रांची में राज्यपाल Santosh Kumar Gangwar ने लोक भवन में Bihar Eye Bank Trust के कार्यों की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को राज्य में एक उत्कृष्ट, आधुनिक और विश्वसनीय नेत्र चिकित्सा संस्थान के रूप में विकसित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज मिल सके.
नाम बदलने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी
बैठक के दौरान राज्यपाल ने “बिहार आई बैंक” का नाम बदलकर “झारखंड आई बैंक” करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने का निर्देश दिया. साथ ही ट्रस्ट से जुड़ी भूमि संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया.

CSR सहयोग बढ़ाने की तैयारी
राज्यपाल ने कहा कि संस्था ऐसा सेवा मॉडल तैयार करे, जिससे उसे कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत अधिक सहयोग मिल सके और आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा सके. उन्होंने अस्पताल में एडवांस आई केयर सुविधाएं विकसित करने और उसे Ayushman Bharat योजना से जल्द जोड़ने का निर्देश दिया, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके.
नई नियुक्ति और इस्तीफा स्वीकार
बैठक में डॉ. टी.पी. बर्णवाल को ट्रस्टी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया. वहीं अजय जैन का संयुक्त सचिव पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया.
बैठक में कई अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विकास आयुक्त-सह-अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, राज्यपाल सचिवालय के विशेष सचिव ए.के. सत्यजीत, ट्रस्ट की सचिव डॉ. प्रणन्ति सिन्हा सहित अन्य ट्रस्टी मौजूद रहे.
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