ब्यूरोक्रेसी का झारखंड मॉडल: देश के टॉप-100 जिलाधिकारियों की सूची में राज्य का दबदबा, मंजूनाथ भजन्त्री सहित 6 आईएएस चमके

Ranchi: फेम इंडिया पत्रिका और एशिया पोस्ट ने संयुक्त रूप से देश के सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों और डिप्टी कमिश्नरों के कामकाज का मूल्यांकन...

Ranchi: फेम इंडिया पत्रिका और एशिया पोस्ट ने संयुक्त रूप से देश के सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों और डिप्टी कमिश्नरों के कामकाज का मूल्यांकन कर सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026 सर्वेक्षण के प्रारंभिक परिणाम जारी कर दिए हैं. इस बेहद प्रतिष्ठित और कड़े मुकाबले वाली सूची में झारखंड की ‘लालफीताशाही’ को पीछे छोड़ते हुए ‘जनसेवा’ का एक नया अध्याय लिखने वाले 6 होनहार आईएएस अधिकारियों ने अपनी जगह बनाई है. देशभर के करीब 800 जिलों में से छांटे गए इन 100 शीर्ष कप्तानों में रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री और राजस्थान की चर्चित आईएएस टीना डाबी सहित देश के कई दिग्गज चेहरे शामिल हैं, लेकिन झारखंड के लिए यह परिणाम बेहद खास और राज्य के प्रशासनिक कौशल पर मुहर लगाने वाला है.

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10 कड़े मानकों की अग्निपरीक्षा में खरे उतरे देश के चुनिंदा कप्तान

देश के सभी राज्यों के करीब 800 जिलाधिकारियों की परफॉर्मेंस को बेहद बारीकी से परखा गया. इसके लिए 10 प्रमुख मानदंड तय किए गए थे, जिनमें प्रशासनिक क्षमता, सुशासन, संकट प्रबंधन, जनसंपर्क, नवाचार, जवाबदेही और धरातल पर दिखने वाले विकास कार्य शामिल हैं. केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि विशेषज्ञों की राय, जमीनी हकीकत और मीडिया विश्लेषण के त्रिकोणीय मूल्यांकन के बाद इन 100 अधिकारियों का चयन किया गया है. इन सभी अधिकारियों के उत्कृष्ट योगदान पर फेम इंडिया पत्रिका जल्द ही एक विशेष संस्करण प्रकाशित कर इन्हें राष्ट्रीय पटल पर सम्मानित करेगी.

रांची के टेक-सेवी कमांडर मंजूनाथ भजंत्री

झारखंड कैडर के 2011 बैच के आईएएस अधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री इस सूची में सबसे चमकदार नामों में से एक बनकर उभरे हैं. आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की डिग्री रखने वाले भजन्त्री ने नवंबर 2024 में देश के सबसे चुनौतीपूर्ण और झारखंड के सबसे वीआईपी जिले रांची के डीसी का पदभार संभाला था. तब से लेकर अब तक उन्होंने रांची में न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाया, बल्कि जनसरोकारों से सीधे जुड़कर शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाया है. उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत तकनीकी नवाचार और योजनाओं का त्वरित व प्रभावी क्रियान्वयन है. इससे पहले झारखंड स्टेट रूरल लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी के सीईओ के रूप में ग्रामीण महिलाओं और आजीविका संवर्धन के लिए किए गए उनके कार्यों को आज भी सराहा जाता है. रांची जैसे बड़े, राजनीतिक रूप से संवेदनशील और विकास की असीम संभावनाओं वाले जिले में उनका शांत, विवादमुक्त और बेहद कुशल प्रबंधन ही उनकी इस राष्ट्रीय सफलता का मुख्य आधार बना है.

झारखंड के इन 6 ब्यूरोक्रेट्स ने देश में बढ़ाया राज्य का मान

इस राष्ट्रीय सर्वेक्षण में झारखंड के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह रही कि राज्य से केवल एक नहीं, बल्कि अलग-अलग क्षेत्रों में कमाल कर रहे कुल 6 अधिकारियों को टॉप-100 में जगह मिली है.

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• आदित्य रंजन (धनबाद): अपनी इनोवेटिव सोच और शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में जमीनी बदलाव के लिए जाने जाने वाले आदित्य रंजन ने धनबाद जैसे कोयला अंचल में प्रशासन की एक संवेदनशील छवि पेश की है.

• दिनेश कुमार यादव (गढ़वा): गढ़वा जैसे सुदूरवर्ती और आकांक्षी जिले में सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में दिनेश कुमार यादव का प्रदर्शन शानदार रहा है.

• मंजूनाथ भजन्त्री (रांची): राजधानी में सुशासन, तकनीकी बदलाव और उत्कृष्ट संकट प्रबंधन के चलते विशेष रूप से चर्चित.

• रवि आनंद (जामताड़ा): साइबर क्राइम के गढ़ के रूप में चर्चित रहे जामताड़ा में रवि आनंद ने प्रशासनिक कसावट और युवाओं के लिए सकारात्मक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

• आर. रोनिता (खूंटी): जनजातीय बहुल जिले खूंटी में महिला सशक्तिकरण, कृषि और स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने के क्षेत्र में आर. रोनिता का काम सराहनीय रहा है.

• हेमंत सती (साहिबगंज): गंगा किनारे बसे साहिबगंज जिले में बुनियादी ढांचे के विकास और राजस्व प्रबंधन में हेमंत सती ने बेहतरीन छाप छोड़ी है.

मरुधरा में जल क्रांति लाने वाली राजस्थान की टीना डाबी भी सूची का मुख्य आकर्षण

झारखंड के अफसरों के साथ-साथ इस राष्ट्रीय सूची में राजस्थान कैडर की 2015 बैच की यूपीएससी टॉपर आईएएस अधिकारी टीना डाबी का नाम भी विशेष रूप से सुर्ख़ियों में है. वर्तमान में टोंक कलेक्टर के रूप में सेवाएं दे रहीं टीना डाबी को यह स्थान बाड़मेर जैसे बेहद चुनौतीपूर्ण, सूखाग्रस्त और अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिले में उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्यों के लिए मिला है. कुछ हलकों में सोशल मीडिया पर टारगेट किए जाने के बावजूद, बहुजन समाज और उनके समर्थकों का साफ कहना है कि ‘वे महज एक रील स्टार नहीं बल्कि देश के युवाओं की असली रोल मॉडल हैं.

देश के अन्य राज्यों के शीर्ष जिलाधिकारियों पर एक नजर

• उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड: यूपी से लखनऊ के विशाख जी अय्यर और वाराणसी के सत्येंद्र कुमार सहित 8 अधिकारियों को जगह मिली है, जबकि उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के विशाल मिश्रा सहित 5 अधिकारी सूची में हैं.

• बिहार व मध्य प्रदेश: बिहार से पटना के डॉ. थियागराजन एस.एम. और मुजफ्फरपुर के सुब्रत कुमार सेन सहित 8 अधिकारियों ने बाजी मारी है. वहीं मध्य प्रदेश से इंदौर के शिवम वर्मा और भोपाल के कौशलेंद्र विक्रम सिंह सहित 5 नाम शामिल हैं.

• महाराष्ट्र व दक्षिण भारत: महाराष्ट्र से पुणे के जितेंद्र डूडी सहित 5 अधिकारी, केरल से तिरुवनंतपुरम की अनु कुमारी, और कर्नाटक से बेंगलुरु अर्बन के जगदीश जी इस प्रतिष्ठित सूची का हिस्सा बने हैं.

• एजीएमयूटी कैडर (केंद्र शासित प्रदेश): नई दिल्ली के सनी कुमार सिंह और दक्षिण दिल्ली के लक्ष्य सिंघल सहित 6 अधिकारियों ने दिल्ली और उत्तर-पूर्वी राज्यों में बेहतरीन काम कर अपनी जगह पक्की की है.

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