Ranchi: अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभाओं की भूमिका को मजबूत बनाने और पेसा नियमावली 2025 के प्रभावी संचालन को लेकर प्रोजेक्ट भवन में राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. पंचायती राज विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रशासनिक अधिकारियों को नियमावली के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई.


ग्रामसभा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पाण्डेय सिंह ने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक ग्रामसभा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि पेसा कानून लागू होने के बाद अब सरकार की प्राथमिकता इसे गांवों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की है. अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर पारंपरिक ग्राम प्रधानों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थानीय स्वशासन व्यवस्था को मजबूती मिल सके.
भ्रांतियां दूर करने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर
मंत्री ने कहा कि पेसा नियमावली को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं, जबकि नियमावली में ग्रामसभा के अधिकारों और जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है. उन्होंने अधिकारियों से ग्रामीण स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की.
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स्थानीय भाषाओं में तैयार होगी नियमावली
पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार ने बताया कि नियमावली को आम लोगों तक सरल तरीके से पहुंचाने के लिए इसे स्थानीय भाषाओं में भी तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में 125 मास्टर ट्रेनरों की टीम बनाई गई है, जो विभिन्न जिलों में प्रशिक्षण और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाएगी. साथ ही, कानून के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए अलग से निगरानी और समन्वय व्यवस्था भी बनाई गई है.
