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News Wave Special : जनवरी से लेकर अब तक देश के कोने-कोने में भेजा गया झारखंड से 5.69 करोड़ मीट्रिक टन खनिज. खाते में आये 2581 करोड़

Ranchi : देश का ‘मिनरल हब’ कहा जाने वाला झारखंड एक बार फिर अपनी बेमिसाल खनिज संपदा के दम पर विकास की...

Ranchi : देश का ‘मिनरल हब’ कहा जाने वाला झारखंड एक बार फिर अपनी बेमिसाल खनिज संपदा के दम पर विकास की नई इबारत लिख रहा है. सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि खनिजों की सप्लाई और परिवहन (डिस्पैच) के मामले में भी झारखंड ने अपनी रफ्तार दोगुनी बनाये रखी है. उद्योगों की मांग को देखते हुए खदानों से कुल 5,69,27,550.08 मीट्रिक टन (MT) खनिज का परिवहन कर उसे गंतव्य तक पहुंचाया गया है.

2,581 करोड़ राजस्व की प्राप्ति

देश के बड़े उद्योगों और बिजली घरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-2027 के शुरुआती दौर में ही राज्य के खनन क्षेत्र ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन करते हुए राजस्व की प्राप्ति हुई है. विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों (13 जून 2026 की सुबह तक) के अनुसार, झारखंड सरकार ने खनन गतिविधियों से 2581 करोड़ रुपये का राजस्व अपनी झोली में डाल लिया है.

कोयला, लोहा और बॉक्साइट जैसे बड़े खनिजों से 2358.89 करोड़ का राजस्व

झारखंड सरकार के खनन एवं भूतत्व विभाग को इस चालू वित्तीय वर्ष (2026-27) में अब तक कुल 2581.26 करोड़ का विशाल राजस्व प्राप्त हुआ है. खास बात यह है कि इस कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा मुख्य खनिजों का रहा है. कोयला, लोहा और बॉक्साइट जैसे बड़े खनिजों के खनन से सरकार को 2358.89 करोड़ का राजस्व मिला है. जबकि गिट्टी, बालू और पत्थर जैसे छोटे खनिजों ने भी राज्य के खजाने में 222.37 करोड़ का महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

4.18 करोड़ मीट्रिक टन खनिज का उत्पादन

राज्य में चालू सत्र के दौरान अब तक कुल 4,18,38,765.71 मीट्रिक टन (MT) खनिजों का रिकॉर्ड उत्पादन किया जा चुका है. फैक्ट्रियों और पावर प्लांटों की मांग को पूरा करने के लिए 3,28,81,437.87 मीट्रिक टन मुख्य खनिजों का खनन किया गया. राज्य के भीतर चल रहे निर्माण कार्यों और बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए 89,57,327.84 मीट्रिक टन लघु खनिजों का उत्पादन हुआ.

देश के कोने-कोने में भेजा गया 5.69 करोड़ मीट्रिक टन माल

4,45,96,067.60 मीट्रिक टन मुख्य खनिजों की भारी खेप भेजी गई. स्थानीय और अंतर-राज्यीय निर्माण सेक्टर के लिए कुल 1,23,31,482.48 मीट्रिक टन छोटे खनिजों का डिस्पैच सुनिश्चित किया गया.

 

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