Jamtara : जामताड़ा की बहुचर्चित चौकीदार भर्ती 2025-26 एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है. भर्ती प्रक्रिया में बीट नियमों के उल्लंघन, कथित अनियमितताओं और मामले के न्यायालय में लंबित होने को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. अभ्यर्थियों के विभिन्न समूहों ने उपायुक्त जामताड़ा को लिखित दावा-आपत्ति और आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि संबंधित बीट के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का उसी बीट का स्थायी निवासी होना अनिवार्य होगा. लेकिन स्क्रूटनी और औपबंधिक मेधा सूची जारी होने के बाद कई ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकृत किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है, जो कथित तौर पर संबंधित बीट क्षेत्र के निवासी नहीं हैं.
बीट नियम उल्लंघन के आरोप
आवेदन में दावा किया गया है कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर आरोपों एवं कथित साक्ष्यों को पहले ही उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा चुका है. ऐसे में न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा. अभ्यर्थियों ने जिला प्रशासन से भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, न्यायालय के अंतिम आदेश तक नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित रखने तथा गरीब एवं वंचित अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वास्तव में बीट नियमों का उल्लंघन हुआ है? क्या अभ्यर्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच होगी? और क्या हाईकोर्ट के फैसले तक भर्ती प्रक्रिया पर कोई रोक लगेगी? फिलहाल चौकीदार भर्ती को लेकर जामताड़ा में सियासी और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज है, जबकि हजारों अभ्यर्थियों की निगाहें अब जिला प्रशासन और उच्च न्यायालय के अगले कदम पर टिकी हुई हैं.
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