Palamu : एक तरफ जहां पूरा देश डिजिटल क्रांति के रथ पर सवार होकर आसमान छू रहा है, हर तरफ 5G की रफ्तार की बात हो रही है, वहीं आज भी कुछ ऐसे इलाके हैं जो इस आधुनिक युग में भी नेटवर्क की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। आलम यह है कि इन इलाकों में 5G तो बहुत दूर की बात है, मोबाइल में 4G का सिग्नल मिलना भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है. बात करने या इंटरनेट का इस्तेमाल करने के लिए लोगों को आज भी पेड़ों, छतों या किसी ऊंचाई वाले स्थान की तलाश करनी पड़ती है. ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र से सामने आया है. यहां की ग्राम पंचायत महुदंड के स्थानीय ग्रामीणों का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इस वीडियो के जरिए यहां के युवाओं ने अपने क्षेत्र की इस गंभीर समस्या को उजागर किया है और बताया है कि किस तरह वे इस डिजिटल युग में भी दुनिया से कटे हुए महसूस कर रहे हैं.
सफेद हाथी साबित हो रहा है बीएसएनएल का टावर
ग्रामीणों के अनुसार इस पूरी पंचायत में कहने को तो मात्र एक बीएसएनएल का टावर लगाया गया है, लेकिन वह टावर भी सफेद हाथी साबित हो रहा है. टावर खड़े होने के बावजूद लोगों के मोबाइलों में नेटवर्क गायब रहता है. अगर कभी नेटवर्क आता भी है, तो उसकी रफ्तार इतनी धीमी होती है कि एक सामान्य कॉल कर पाना या संदेश भेज पाना भी मुश्किल हो जाता है.

ऑनलाइन कामों के लिए नेटवर्क की तलाश में भटकते हैं लोग
स्थानीय युवाओं का कहना है कि पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा के ऑनलाइन कामों के लिए उन्हें नेटवर्क की तलाश में गांव से दूर या किसी ऊंचाई वाली जगह पर जाना पड़ता है. इस समस्या के कारण न सिर्फ छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में किसी को अस्पताल या पुलिस से संपर्क करना हो, तो वह भी एक बड़ी मुसीबत बन जाता है. इस वीडियो के जरिए गांव के युवाओं ने प्रशासन और संबंधित टेलीकॉम कंपनियों से महुदंड पंचायत में नेटवर्क की स्थिति को सुधारने की गुहार लगाई है ताकि उन्हें भी इस डिजिटल दुनिया का सही लाभ मिल सके.


