Hazaribagh: जिले के इचाक थाना क्षेत्र के करियातपुर गांव निवासी 63 वर्षीय शिबल साव कसेरा उर्फ शिबल साव रांची स्थित रिम्स से इलाज कराकर बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए. घटना 6 जुलाई की बताई जा रही है. परिजनों ने बरियातू थाना में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि अब तक न तो पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाई और न ही अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराकर खोजबीन में सहयोग किया.
गांवों में फेरी लगाकर बर्तन बेचते थे
परिजनों के अनुसार शिबल साव कसेरा आसपास के गांवों में फेरी लगाकर बर्तन बेचने का काम करते थे. 16 जून की शाम फेरी से घर लौटने के दौरान करियातपुर-झुमरा मार्ग पर चोरहेत गांव के समीप किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी. हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पहले शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर 22 जून को बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर किया गया, जहां न्यूरो वार्ड डी-1 के बेड संख्या-10 पर उनका इलाज चल रहा था.

काफी तलाश के बावजूद कोई सुराग नहीं मिल सका
परिजनों ने बताया कि 6 जुलाई को डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी. उस समय उनके साथ पुत्र संतोष प्रसाद और नाती सूरज कुमार तथा आयुष कुमार मौजूद थे. नाती सूरज कुमार के अनुसार अस्पताल से बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद उनके नाना अचानक कहीं चले गए. काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका.परिजनों का कहना है कि उन्होंने तत्काल बरियातू थाना में आवेदन देकर शिबल साव की तलाश की गुहार लगाई. साथ ही रिम्स परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का अनुरोध भी किया, ताकि उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके. हालांकि उनका आरोप है कि पुलिस और अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक अपेक्षित सहयोग नहीं मिला है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
परिजनों ने गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई
परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को शिबल साव कसेरा उर्फ शिबल साव के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम थाना या उनके परिजनों को दें, ताकि उन्हें सकुशल घर वापस लाया जा सके. चार दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चलने से परिवार गहरे सदमे और चिंता में है.परिजनों ने बरियातू थाना में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई है. उनका आरोप है कि अब तक न तो पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाई और न ही अस्पताल प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराकर खोजबीन में सहयोग किया. परिजनों के अनुसार शिबल साव कसेरा आसपास के गांवों में फेरी लगाकर बर्तन बेचने का काम करते थे. 16 जून की शाम फेरी से घर लौटने के दौरान करियातपुर-झुमरा मार्ग पर चोरहेत गांव के समीप किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी थी. हादसे में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पहले शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग में भर्ती कराया गया. हालत गंभीर होने पर 22 जून को बेहतर इलाज के लिए रांची के रिम्स रेफर किया गया, जहां न्यूरो वार्ड डी-1 के बेड संख्या-10 पर उनका इलाज चल रहा था.
पुलिस और अस्पताल प्रशासन से अब तक सहयोग नहीं मिलने का आरोप
परिजनों ने बताया कि 6 जुलाई को डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी. उस समय उनके साथ पुत्र संतोष प्रसाद और नाती सूरज कुमार तथा आयुष कुमार मौजूद थे.नाती सूरज कुमार के अनुसार अस्पताल से बाहर निकलने के कुछ ही देर बाद उनके नाना अचानक कहीं चले गए। काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका.परिजनों का कहना है कि उन्होंने तत्काल बरियातू थाना में आवेदन देकर शिबल साव की तलाश की गुहार लगाई. साथ ही रिम्स परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने का अनुरोध भी किया, ताकि उनकी गतिविधियों का पता लगाया जा सके. हालांकि उनका आरोप है कि पुलिस और अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक अपेक्षित सहयोग नहीं मिला है, जिससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है.
परिवार ने आम लोगों से की अपील
परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को शिबल साव कसेरा उर्फ शिबल साव के संबंध में कोई भी जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम थाना या उनके परिजनों को दें, ताकि उन्हें सकुशल घर वापस लाया जा सके. चार दिनों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनका कोई पता नहीं चलने से परिवार गहरे सदमे और चिंता में है.
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