Hazaribagh: जिले के सिलवार में 22 झारखंड बटालियन एनसीसी के तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (CATC-IX) युवाओं में राष्ट्रप्रेम और सैन्य अनुशासन का संचार कर रहा है. शिविर के पांचवें दिन एनसीसी ग्रुप मुख्यालय के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर दीपक गौर ने कैंप का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने शिविर में दी जा रही ट्रेनिंग, प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन के उच्च स्तर को देखकर प्रशिक्षण टीम की जमकर पीठ थपथपाई.
अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रसेवा का सशक्त माध्यम है NCC
अपने निरीक्षण के दौरान ब्रिगेडियर दीपक गौर ने ड्रिल, वेपन ट्रेनिंग, मैप रीडिंग, फील्ड क्राफ्ट एवं बैटल क्राफ्ट, शारीरिक प्रशिक्षण, योग और व्यक्तित्व विकास जैसी विभिन्न सैन्य गतिविधियों का बेहद बारीकी से अवलोकन किया.

कैडेटों के भीतर राष्ट्र चेतना जगाते हुए ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर दीपक गौर ने अपने संबोधन में कहा कि NCC सिर्फ एक यूनिफॉर्म नहीं, बल्कि युवाओं में अटूट अनुशासन, अद्वितीय नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और निस्वार्थ राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का सबसे सशक्त माध्यम है. सभी कैडेट इस शिविर में मिल रहे कड़े प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं, अपने जीवन में अनुशासन का कड़ाई से पालन करें और भारत माता के सच्चे सपूत बनकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय और सकारात्मक भूमिका निभाएं.
सेना की कार्यप्रणाली और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर
22 झारखंड बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आर.के. रवि ने कैडेटों को प्रेरित करते हुए बताया कि ब्रिगेडियर दीपक गौर की यात्रा स्वयं एक NCC कैडेट से शुरू होकर आज भारतीय सेना के ब्रिगेडियर पद तक पहुंची है, जो सभी युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है.
शिविर के लक्ष्यों और महत्व को रेखांकित करते हुए कर्नल आर.के. रवि ने कहा कि इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेटों को न केवल गुणवत्तापूर्ण सैन्य प्रशिक्षण देना है, बल्कि उनके भीतर टीम भावना, समय पालन और जिम्मेदारी का अहसास विकसित करना है. यहां सेना की वास्तविक कार्यप्रणाली से जुड़े व्यावहारिक विषयों की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि ये कैडेट राष्ट्रीय स्तर के NCC कैंपों और भविष्य में सशस्त्र बलों में हजारीबाग और झारखंड का नाम रोशन कर सकें.
प्रशिक्षण टीम की सराहना
ब्रिगेडियर गौर ने कैंप में तैनात सैन्य अधिकारियों, PI स्टाफ और ANO की सराहना करते हुए कहा कि चरित्र निर्माण और राष्ट्रीय चेतना विकसित करने में ऐसे शिविर मील का पत्थर हैं. इस अवसर पर बटालियन के अधिकारी, CTO, GCI तथा भारी संख्या में प्रशिक्षण स्टाफ मुख्य रूप से उपस्थित रहे.


