Ranchi: झारखंड विधानसभा की सदाचार समिति ने गुरुवार को रामगढ़ में डेरा डालते ही जिला प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया. परिसदन भवन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान समिति के सभापति रामचंद्र सिंह ने लंबित जनहित के मामलों को लेकर अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई. समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि जनता की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी स्तर के अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा.
अनुकंपा और पेंशन पर जीरो टॉलरें
बैठक का मुख्य एजेंडा अनुकंपा के आधार पर होने वाली नियुक्तियां और पेंशन संबंधी जटिल मामले रहे. सभापति रामचंद्र सिंह और सदस्य चंद्रदेव महतो ने लंबित फाइलों के ढेर पर अधिकारियों को घेरा. सभापति ने दो टूक शब्दों में निर्देश दिया कि विभागीय सुस्ती अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी विभागों से अविलंब अद्यतन प्रतिवेदन तलब किया है और स्पष्ट किया कि जनहित कार्यों में लेटलतीफी करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी.
काम में दिखनी चाहिए धरातल पर छाप
सदाचार समिति ने रामगढ़ जिले के विभिन्न विभागों पुलिस, स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति, भवन एवं पथ निर्माण, खनन, शिक्षा और कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली को भी चेक किया. समिति का मानना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ कागजों तक सिमट कर नहीं रहना चाहिए. सभापति ने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि प्रशासनिक अमले का मुख्य उद्देश्य केवल फाइलें निपटाना नहीं, बल्कि संवेदनशील होकर आम आदमी की समस्याओं का समाधान करना है. समिति ने जनहितकारी योजनाओं की प्रगति पर संतोष नहीं जताते हुए उसे और अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने का फरमान जारी किया है.
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