SAURAV SINGH

Ranchi: जम्मू-कश्मीर में एनडीपीएस यानी मादक पदार्थों की तस्करी और धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में फरार चल रहे दो कुख्यात आरोपियों की तलाश अब झारखंड में भी तेज हो गई है. झारखंड पुलिस के डीजीपी के निर्देश पर राज्य के सभी 24 जिलों की पुलिस को अलर्ट मोड पर रखा गया है. यह पूरी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली गुप्त सूचना और उनके आधिकारिक आग्रह के आधार पर शुरू की गई है. इस मामले में जम्मू-कश्मीर के गंदरबल पुलिस (एसएसपी कार्यालय) की ओर से बाकायदा एक ‘ह्यू एंड क्राई नोटिस’ जारी किया गया है. यह नोटिस देश के सभी राज्यों के डीजीपी, पुलिस आयुक्तों और प्रमुख जांच एजेंसियों को भेजा गया है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द दबोचा जा सके.

क्या है पूरा मामला?
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला गंदरबल जिले के लार थाना (कांड संख्या 23/2024) से जुड़ा हुआ है. दोनों आरोपियों पर निम्नलिखित गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज है. ये दोनों आरोपी लंबे समय से लगातार अपनी पहचान छिपाकर पुलिस की गिरफ्त से भाग रहे हैं.

फरार आरोपियों की पहचान
– वसीम अहमद लोन,उम्र: लगभग 32–33 वर्ष, पिता का नाम: मोहम्मद शब्बन लोन, पता: नुंद्रेश कॉलोनी, बेमिना, श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर)
– फैजान अहमद मकाया उर्फ फैसल, उम्र: लगभग 33–34 वर्ष पिता का नाम: शब्बीर अहमद मकाया पता: उस्मानाबाद, बेमिना, श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर)
देशभर की पुलिस को ई-मेल से भेजा गया अलर्ट
एसएसपी गंदरबल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी राज्य अपनी स्थानीय पुलिस और गुप्तचर इकाइयों को इन आरोपियों के संभावित ठिकानों पर पैनी नजर रखने का निर्देश दें. यदि किसी भी जिले में इनकी कोई खबर या सुराग मिलता है, तो तुरंत गंदरबल पुलिस को सूचित किया जाए. यह नोटिस केवल जम्मू-कश्मीर या झारखंड तक सीमित नहीं है. इसे बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और दक्षिण भारतीय राज्यों समेत देश के लगभग सभी राज्यों के पुलिस मुख्यालयों को ई-मेल के जरिए भेजा गया है.
ड्रग्स के नेशनल व इंटरनेशनल नेटवर्क से झारखंड का पुराना कनेक्शन
पुलिस रिकॉर्ड्स के मुताबिक, नशीले पदार्थों की अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी के ताने-बाने से झारखंड का कनेक्शन नया नहीं है. पूर्व में भी झारखंड में अफीम, ब्राउन शुगर और सिंथेटिक ड्रग्स के बड़े सिंडिकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पूर्वोत्तर राज्यों के तस्करों की गिरफ्तारियां हुई हैं.
झारखंड के तस्करों की बाहर गिरफ्तारी
राज्य के कई स्थानीय तस्कर भी देश के अन्य हिस्सों में ड्रग्स की खेप पहुंचाते हुए रंगे हाथों पकड़े जा चुके हैं. पुलिस अधिकारियों का मानना है कि संगठित अपराध और नशे के इस काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच तालमेल और समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है. फिलहाल झारखंड पुलिस दोनों भगोड़ो की तलाश में जुट गई है.
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