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लोहरदगा: विश्व आदिवासी दिवस पर प्रशासन की विशेष पहल, ‘अकील एडपा-बेहतर शिक्षा की ओर’ कार्यक्रम के तहत प्रशासनिक पदाधिकारी उच्च विद्यालय को लेंगे गोद

10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए जिला प्रशासन ने तैयार की कार्ययोजना Lohardaga: जिले के...

Lohardaga: On World Tribal Day, the administration's special initiative, under the program 'Akil Edpa - Towards Better Education', administrative officials will adopt a high school.
  • 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणाम और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए जिला प्रशासन ने तैयार की कार्ययोजना

Lohardaga: जिले के सरकारी उच्च विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर करने तथा मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणामों में सुधार लाने के उद्देश्य से उपायुक्त संदीप कुमार मीना की विशेष पहल पर “अकील एडपा- बेहतर शिक्षा की ओर” कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है. इस कार्यक्रम के तहत जिले के 55 उच्च विद्यालयों एवं 22 प्लस टू उच्च विद्यालयों को जिला प्रशासन के प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा गोद लिया गया है. संबंधित पदाधिकारी इन विद्यालयों के शैक्षणिक विकास एवं परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए नियमित रूप से अनुश्रवण एवं आवश्यक सहयोग प्रदान करेंगे. कार्यक्रम की कार्ययोजना एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त संदीप कुमार मीना की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई. बैठक में कार्यक्रम के उद्देश्यों, विद्यालयों के अनुश्रवण, विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार तथा आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई.

प्रत्येक गुरुवार विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे प्रशासनिक पदाधिकारी

कार्यक्रम के तहत जिन प्रशासनिक पदाधिकारियों को विद्यालयों की जिम्मेदारी दी गई है, वे प्रत्येक गुरुवार अपने-अपने आवंटित विद्यालयों का भ्रमण करेंगे. भ्रमण के दौरान पदाधिकारी विद्यार्थियों से संवाद करेंगे तथा आवश्यकता के अनुसार संबंधित विषयों की कक्षाएं भी लेंगे. साथ ही विद्यालय में पाठ्यक्रम की प्रगति का अनुश्रवण करते हुए साप्ताहिक आधार पर सिलेबस पूरा कराने की दिशा में आवश्यक सहयोग करेंगे. विद्यालय भ्रमण के दौरान पदाधिकारी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति की जांच की जाएगी. छात्र-छात्राओं के बीच क्विज़ कराया जाएगा. पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन पर विशेष फोकस रहेगा. विद्यार्थियों के कॉपी की जांच की जाएगी. विद्यार्थियों को करियर से संबंधित गाइडलाइंस भी बताया जाएगा. पाठ्यक्रम की स्थिति, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर तथा प्रत्येक माह आयोजित होने वाले टेस्ट में विद्यार्थियों के प्रदर्शन की समीक्षा करेंगे. जो विद्यार्थी लगातार अनुपस्थित रहते हों उनके अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके आधार पर पदाधिकारी अपना प्रतिवेदन उपायुक्त को उपलब्ध कराएंगे तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में गुणात्मक सुधार के लिए आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत करेंगे. विद्यालय भ्रमण के दौरान संबंधित पदाधिकारी अपने विभाग से संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का भी निरीक्षण करेंगे.

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कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों पर विशेष फोकस

बैठक में बताया गया कि इस वर्ष आयोजित मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट (विज्ञान) परीक्षा में जिले के कुछ विद्यालयों का परीक्षा परिणाम अपेक्षाकृत असंतोषजनक रहा है. ऐसे विद्यालयों को चिन्हित करते हुए अगले वर्ष के परीक्षा परिणाम में सुधार के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. कार्यक्रम के तहत 10वीं कक्षा के 55 विद्यालयों एवं 12वीं कक्षा के 22 विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया है. विशेष रूप से वैसे विद्यालय, जहां विषयवार शिक्षकों की कमी है अथवा विद्यार्थियों का शैक्षणिक प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर है, वहां अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग एवं नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाएगा.

विषयवार शिक्षकों की कमी वाले विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाएं

जिले के जिन विद्यालयों में विज्ञान, गणित एवं अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जिले के उत्कृष्ट एवं अनुभवी शिक्षकों का विशेष पैनल तैयार कर ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कराया जाएगा. ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण उपलब्ध कराने के साथ-साथ विषयवार उनकी शंकाओं का समाधान एवं परीक्षा की दृष्टि से आवश्यक तैयारी कराई जाएगी.

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कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल कक्षाओं पर जोर

बैठक में निर्णय लिया गया कि “अकील एडपा- बेहतर शिक्षा की ओर” कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए विद्यालयों में नियमित मूल्यांकन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. विद्यार्थियों के प्रदर्शन के आधार पर कमजोर विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनके लिए रेमेडियल (उपचारात्मक) कक्षाओं का संचालन किया जाएगा. इसके साथ ही विद्यालयों में नियमित टेस्ट, विद्यार्थियों की प्रगति का विश्लेषण, अभिभावक-शिक्षक बैठक तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी. प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

सामूहिक प्रयास आवश्यक

जिले का कोई भी विद्यार्थी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक विद्यालय आगामी बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करे, इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं शिक्षकों को समन्वित प्रयास करना होगा. उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवंटित विद्यालयों का नियमित भ्रमण एवं अनुश्रवण करने, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का निरंतर मूल्यांकन करने तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उन्होंने आगामी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट परिणाम सुनिश्चित करने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना के अनुरूप कार्य करने को कहा. उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच बेहतर समन्वय तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि जिले के सरकारी विद्यालयों के परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय सुधार लाया जा सके. बैठक में उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम, आईटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग, अपर समाहर्ता जितेंद्र मुंडा, अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार सहित सभी संबंधित वरीय पदाधिकारी एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.

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