RANCHI: झारखंड कैडर के दो प्रभावशाली आईएएस अधिकारी-लोकेश मिश्रा और माधवी मिश्रा.आज न केवल अपने काम के लिए चर्चा में हैं, बल्कि एक ही परिवार से निकलकर राज्य प्रशासन में अहम भूमिका निभाने के कारण भी मिसाल बन गए हैं. सगे भाई-बहन होने के बावजूद दोनों अपने-अपने क्षेत्र में अलग पहचान बना रहे हैं और राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.
गोड्डा की कमान संभाल रहे लोकेश मिश्रा
2016 बैच के आईएएस अधिकारी लोकेश मिश्रा वर्तमान में गोड्डा जिले के उपायुक्त के रूप में कार्यरत हैं.अपने शांत स्वभाव और सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले लोकेश जिले में विकास कार्यों को गति देने में जुटे हैं. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो या शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, उन्होंने अपनी कार्यशैली से जनता और सरकार दोनों का विश्वास अर्जित किया है.
अनुभव और नेतृत्व की मिसाल माधवी मिश्रा
लोकेश की बड़ी बहन माधवी मिश्रा 2015 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में निदेशक, उद्यान (हॉर्टिकल्चर) के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले वह रामगढ़ और धनबाद जैसे जिलों में उपायुक्त के रूप में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. खनन क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके काम को सराहा गया है.
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
माधवी मिश्रा को उद्यान विभाग की जिम्मेदारी सौंपे जाने के पीछे उनकी प्रशासनिक दक्षता मानी जा रही है. उनका लक्ष्य बागवानी के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना और राज्य में कृषि के वैकल्पिक मॉडल को मजबूत करना है.
युवाओं के लिए प्रेरणा
एक ही परिवार से निकलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा में पहुंचना और एक ही राज्य में अहम जिम्मेदारियां निभाना, अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. मिश्रा भाई-बहन की यह जोड़ी न केवल झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दिखाती है कि स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर मेहनत से सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है.
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