Giridih: गिरिडीह जिले के गांडेय प्रखंड अंतर्गत रसनजोरी गांव में आर्थिक तंगी और ग्रुप लोन के बढ़ते दबाव ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं. कर्ज और किस्त के बोझ तले दबे 45 वर्षीय मीतन दास ने आखिरकार फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है.

चार ग्रुप लोन का था बोझ
बताया जा रहा है कि मृतक मीतन दास पर चार अलग-अलग ग्रुप लोन चल रहे थे. लगातार किस्त जमा करने का दबाव, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के कारण वह काफी परेशान रहता था. परिजनों के अनुसार लोन की रकम चुकाने को लेकर वह लंबे समय से तनाव में था और इसी तनाव ने उसे इतना तोड़ दिया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया.
Read Also: 2.61 रूपये महंगा हुआ पेट्रोल, डीजल के भी बढ़े दाम, देशभर में असर
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही अहिल्यापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गिरिडीह भेज दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों में मीतन दास को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा.
जनप्रतिनिधियों ने परिवार को बंधाया ढांढस
इधर घटना की खबर मिलते ही मुखिया पति भागीरथ मंडल तथा जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि मुफ्ती मोहम्मद सईद आलम मृतक के घर पहुंचे. उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और आर्थिक सहायता भी प्रदान की. ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि गांवों में ग्रुप लोन कंपनियों का बढ़ता दबाव गरीब परिवारों के लिए अभिशाप बनता जा रहा है. लगातार किस्त और वसूली के तनाव से गरीब परिवार मानसिक रूप से टूट रहे हैं.
