Ranchi: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत अनुबंध स्वास्थ्यकर्मियों की अनदेखी का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव के समय नियमितीकरण और वेतनमान बढ़ाने जैसे बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्हें भूल जाती है. मरांडी ने दावा किया कि एनएचएम के करीब 58 हजार अनुबंध कर्मियों को पिछले पांच महीनों से मानदेय नहीं मिला है. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रेजरी में करीब 170 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं.
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‘स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान केवल भाषणों से नहीं’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्वीकृत बजट का केवल 4.92 प्रतिशत खर्च होना सरकार की वित्तीय अक्षमता और लापरवाही को दर्शाता है. बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की कि लंबित मानदेय का तत्काल भुगतान कराया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए स्थायी एवं पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान केवल भाषणों से नहीं, बल्कि उनके परिश्रम का समय पर उचित भुगतान करने से साबित होता है.
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