Newswave Desk: केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. कर्मचारी संगठनों से उनकी मांगें और सुझाव मांगे जा रहे हैं. पहले इसके लिए अंतिम तिथि 31 मई 2026 तय की गई थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया गया है. यानी कर्मचारी संगठन अब 15 जून तक अपने सुझाव, ज्ञापन और मांगें सरकार को भेज सकते हैं. 8वें वेतन आयोग में सबसे अहम मुद्दा फिटमेंट फैक्टर का है. इसी के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय होगी. फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक वेतन को बढ़ाकर नया वेतन तय किया जाता है.
किसने कितनी मांग रखी?
सरकार ने अभी तक फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. हालांकि, विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स समूहों ने अपने-अपने सुझाव दिए हैं.

- JCM के कर्मचारी पक्ष ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है.
- NPO ने 3.25 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है.
- ITUC ने 3.0 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है.
- जम्मू-कश्मीर के कई कर्मचारी संगठनों ने 2.86 से 3.68 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है.
- वहीं, पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का मानना है कि सरकार 1.92 फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी दे सकती है.
कितना बढ़ सकता है वेतन?
यदि कर्मचारियों की मांगों के अनुसार फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारियों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है. अलग-अलग प्रस्तावों के अनुसार बेसिक वेतन में करीब 92 फीसदी से लेकर 283 फीसदी तक बढ़ोतरी संभव है. इसका असर सिर्फ बेसिक सैलरी पर ही नहीं, बल्कि विभिन्न भत्तों और पूरे पे मैट्रिक्स पर भी पड़ेगा. माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग नया वेतन ढांचा भी लागू कर सकता है.
कब मिलेगा बढ़ी हुई सैलरी का लाभ?
केंद्र सरकार ने 17 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी. आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. ऐसे में रिपोर्ट 2027 के मध्य तक आने की उम्मीद है. रिपोर्ट पर केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन का लाभ 2027 के मध्य या फिर 2028 की शुरुआत में मिल सकता है.
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