Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत हिट एंड रन मामलों की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी, जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार सहित अन्य संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे. वहीं, जिले के सभी अंचल अधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्राधिकार के लंबित एवं प्रगति पर चल रहे मामलों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की.
वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान उपायुक्त द्वारा हिट एंड रन मामलों से संबंधित दावों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई. बताया गया कि पश्चिमी सिंहभूम जिले में अब तक कुल 75 हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों अथवा मृतकों के आश्रितों को कुल ₹1 करोड़ 45 लाख 50 हजार की मुआवजा राशि का सफलतापूर्वक भुगतान किया जा चुका है. बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि 50 अन्य मामलों में प्राप्त आवेदनों की अंचल एवं अनुमंडल स्तर पर आवश्यक जांच, सत्यापन एवं अनुशंसा की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत जिला स्तर से जनरल इंश्योरेंस काउंसिल को अग्रसारित कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त हाल ही में प्राप्त 32 नए आवेदनों की बैठक में क्रमवार समीक्षा करते हुए प्रत्येक मामले में उपलब्ध अभिलेखों, जांच प्रतिवेदन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की स्थिति का विस्तार से अवलोकन किया गया.

अनावश्यक विलंब नहीं
समीक्षा के दौरान उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी संबंधित अंचल अधिकारियों एवं संलग्न पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में आवश्यक दस्तावेज या जांच प्रतिवेदन लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि पात्र मामलों को बिना विलंब के जिला स्तर से सक्षम प्राधिकार के पास अग्रसारित किया जा सके. उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र पीड़ित अथवा मृतक के आश्रित को मुआवजा प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए. सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें. उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में हिट एंड रन की घटनाएं अत्यंत संवेदनशील होती हैं. ऐसे मामलों में पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी अंचल अधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन एवं जिला परिवहन कार्यालय आपसी समन्वय स्थापित कर दावों के सत्यापन, दस्तावेजों के संकलन एवं अग्रसारण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाएं, ताकि पात्र लाभुकों को शीघ्र राहत मिल सके. उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आम नागरिकों को हिट एंड रन मुआवजा योजना के संबंध में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि दुर्घटना से प्रभावित परिवार निर्धारित समयावधि के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकें.
हिट एंड रन मामलों में आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज
– फॉर्म-1 (आवेदक के हस्ताक्षर सहित)
– फॉर्म-2 (दावा जांच अधिकारी/अनुमंडल पदाधिकारी के हस्ताक्षर सहित)
– फॉर्म-3 (दावा निपटारा अधिकारी/जिला दंडाधिकारी के हस्ताक्षर सहित)
– फॉर्म-4 (आवेदक के हस्ताक्षर सहित प्रतिदाय के लिए वचनबंध)
– मृत्यु प्रमाण पत्र (मृत्यु के मामलों में)
– पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा मेडिकल रिपोर्ट
– मृतक/घायल का आधार कार्ड
– आवेदक का आधार कार्ड
– आवेदक के बैंक खाते की पासबुक की प्रति
– संबंधित थाना की प्राथमिकी (एफआईआर) की प्रति
मुआवजा का प्रावधान
-मृतक के आश्रितों को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की अनुग्रह सहायता प्रदान की जाती है.
– गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ₹50,000 (पचास हजार रुपये) की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है.
जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके परिवार अथवा परिचित किसी हिट एंड रन दुर्घटना से प्रभावित हुए हैं, तो निर्धारित दस्तावेजों के साथ संबंधित अंचल कार्यालय अथवा जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करें. जिला प्रशासन पात्र लाभुकों को नियमानुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध एवं सतत क्रियाशील है.
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