चाईबासा: वनग्रामों की जनगणना व मकान सर्वे कराने की मांग, ग्रामीणों ने DC को सौंपा ज्ञापन

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में बसे 80 वनग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के...

Chaibasa: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में बसे 80 वनग्रामों के ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शुक्रवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में वनग्रामों की जनगणना एवं मकान सर्वे कराने समेत कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई. ग्रामीणों ने बताया कि वनाधिकार कानून 2006, नियम 2008 एवं संशोधित नियम 2012 के तहत अब तक 46 वनग्रामों की व्यक्तिगत पट्टाधारी मान्यता दी जा चुकी है, जबकि प्रखंड में कुल 80 वनग्राम हैं. ऐसे में शेष वनग्रामों की भी जनगणना कर उन्हें राजस्व गांवों की तरह मान्यता देने की मांग की गई है. ज्ञापन में कहा गया है कि वनग्रामों को किसी अन्य राजस्व गांव का टोला नहीं बनाया जाए. यदि किसी वनग्राम का मकान सर्वे किसी अन्य गांव के नाम पर हो गया है तो उसे सुधारकर संबंधित वनग्राम के नाम से दर्ज किया जाए. साथ ही वनग्रामों को राजस्व गांव का दर्जा, थाना नंबर तथा सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई.

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विल्सन सोया ने कहा- वनग्रामों की पहचान और विकास के लिए जनगणना जरूरी

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वनग्रामों के निवासियों को जाति, आय, आवासीय एवं वरिष्ठ नागरिक प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. इसके अलावा आधार कार्ड से जुड़े सुधार कार्यों में भी परेशानी हो रही है. इन समस्याओं के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग प्रशासन से की गई है. ज्ञापन में प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है. मौके पर जिला अध्यक्ष विल्सन सोया ने कहा कि वनग्रामों की जनगणना नहीं होने से ग्रामीण कई सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं. जनगणना एवं मकान सर्वे होने से वनग्रामों की वास्तविक पहचान स्थापित होगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी. ज्ञापन की प्रतिलिपि आदिवासी कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली, चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी तथा बंदगांव अंचलाधिकारी को भी भेजी गई है. मौके कर जिला अध्यक्ष विल्सन सोय, माधो पूर्ती, मानीहंस मुंडा, अभिराम हंस, थोमास पूर्ती, सुलेमान हंस, जोहन पूर्ती, गंगाराम हापातगाड़ा, मंगल दास हंस, सागर मुंडा समेत अन्य लोग मौजूद थे.

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