Chatra: सिमरिया थाना क्षेत्र के चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग स्थित देल्हो घाटी में सड़क हादसे में CRPF जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मौत के बाद जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. राजकीय सम्मान के साथ जवान के अंतिम संस्कार के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए हैं. पिछले 45 घंटे से अधिक समय से चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग पूरी तरह जाम है. इस आंदोलन को अब जनप्रतिनिधियों का भी खुला समर्थन मिलने लगा है, जिससे आंदोलन और तेज हो गया है. सिमरिया के झामुमो नेता मनोज चंद्रा, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ राजद नेता सत्यानंद भोक्ता, सिमरिया विधायक उज्ज्वल दास और चतरा सांसद कालीचरण सिंह भी आंदोलन के समर्थन में उतर आए हैं.
छुट्टी पर घर आए CRPF जवान की सड़क हादसे में मौत
जम्मू-कश्मीर में तैनात विराजपुर निवासी CRPF जवान लक्ष्मण कुमार यादव 15 दिनों की छुट्टी पर अपने घर आए थे. इसी दौरान बाइक से सिमरिया जाने के क्रम में एक हाईवा की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए. परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. जवान की मौत के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने चतरा–सिमरिया मुख्य मार्ग पर अनिश्चितकालीन जाम लगा दिया.

क्या हैं आंदोलनकारियों की मांगें
आंदोलनकारी मृतक जवान के आश्रितों को उचित मुआवजा देने, दुर्घटना के जिम्मेदार चालक पर कड़ी कार्रवाई करने और हजारीबाग के कोयले की ढुलाई चतरा के रास्ते से पूरी तरह बंद करने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि प्रतिदिन सैकड़ों हाईवा वाहनों के परिचालन, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार के कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन और संबंधित कंपनियां कोई ठोस कदम नहीं उठा रही हैं.
कोयला डिस्पैच ठप, वाहनों की लगी लंबी कतार
सड़क जाम का असर अब औद्योगिक गतिविधियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है. चतरा–हजारीबाग और चतरा–टंडवा–रांची मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है. सीसीएल और एनटीपीसी परियोजनाओं से कोयले का डिस्पैच प्रभावित हो गया है. सड़क के दोनों ओर भारी वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है. हालांकि प्रशासन की ओर से सिमरिया के अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी लगातार आंदोलनकारियों से वार्ता कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है.
मनोज चंद्रा बोले- अब चतरा के रास्ते नहीं चलेगा कोयला
अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे झारखंड मुक्ति मोर्चा के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनोज चंद्रा ने कहा कि किसी भी कीमत पर हजारीबाग के कोयले की ढुलाई अब चतरा के रास्ते नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने जिला प्रशासन, सीसीएल और एनटीपीसी से चतरा जिले के लिए स्थायी मुआवजा नीति बनाने की मांग की. उनका कहना है कि हाईवा दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले परिवारों को तत्काल सहायता मिलनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कोल कंपनियों के सामने पूरी तरह नतमस्तक है और जिले में व्यवस्था चरमरा चुकी है.
विधायक उज्ज्वल दास ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
सिमरिया विधायक उज्ज्वल दास ने कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि वे पहले भी जिला प्रशासन, सीसीएल और एनटीपीसी प्रबंधन से सुरक्षित परिवहन व्यवस्था और अलग ट्रांसपोर्टिंग रोड की मांग करते रहे हैं, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई. विधायक ने कहा कि जमीन चतरा की है, धूल चतरा के लोग खा रहे हैं और जान भी चतरा के लोगों की जा रही है, जबकि जिले को इसका कोई राजस्व नहीं मिलता. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब चतरा के रास्ते हजारीबाग के कोयले का परिवहन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा.
सांसद कालीचरण सिंह ने भी दिया आंदोलन को समर्थन
चतरा सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि हजारीबाग से निकलने वाले कोयले का लाभ सीएसआर के माध्यम से हजारीबाग जिले को मिलता है, जबकि चतरा के लोगों को केवल धूल, दुर्घटनाएं और मौत मिल रही हैं. उन्होंने कहा कि कई बैठकों में उन्होंने सार्वजनिक सड़क से अलग कोल ट्रांसपोर्टिंग रोड बनाने की मांग उठाई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया. सांसद ने कहा कि यदि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती है तो चतरा के रास्ते हजारीबाग के कोयले की ढुलाई किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी. साथ ही उन्होंने ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की.
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