Chakradharpur: मासंत पर्व के अवसर पर चक्रधरपुर प्रखंड के महुलबोराई, सिमिदिरी, घाघराघाट और चंद्री गांव में आयोजित छऊ नृत्य कार्यक्रम का मंगलवार को समापन हुआ. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सन्नी उरांव उपस्थित रहे. कार्यक्रम में चारों गांवों के उपर टोला और नीचे टोला के छऊ कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया. कलाकारों ने राधा-कृष्ण, गणेश वंदना, आरती, वनदेवी तथा महिषासुर वध जैसे पौराणिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए.
छऊ नृत्य क्षेत्र की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर- नगर परिषद अध्यक्ष
समारोह को संबोधित करते हुए नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव ने कहा, कि छऊ नृत्य क्षेत्र की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर और गौरवशाली पहचान है. यह आदिवासी संस्कृति का प्रतीक होने के साथ-साथ पूर्वजों की अनमोल विरासत भी है. उन्होंने कहा कि इस कला और संस्कृति को संरक्षित रखने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए तथा कलाकारों को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया.
इससे पूर्व सिमिदिरी, चंद्री, घाघराघाट और महुलबोराई गांवों में आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथि का पारंपरिक एवं भव्य स्वागत किया गया. कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि पीरू हेम्ब्रम, सोमनाथ कोया, ताराकांत सिजुई, प्रदीप महतो, टिंकू प्रधान सहित आयोजन समिति के सदस्य एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
यह भी पढ़ें: हजारीबाग के फोटोग्राफरों ने तय किए नए रेट, वेडिंग पैकेज 50 हजार से शुरू, पासपोर्ट फोटो के लगेंगे 80 रुपये



