Bokaro: वेदांता के आयरन एवं स्टील कारोबार ने एक नए चरण में प्रवेश पा लिया है. व्यवसाय के पुनर्गठन (डीमर्जर) और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड की सफल लिस्टिंग के बाद ईएसएल स्टील लिमिटेड अब वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड की सहायक कंपनी (सब्सिडियरी) बन गई है. इस नई संरचना के तहत वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड अब एक स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध (पब्लिक लिस्टेड) कंपनी के रूप में कार्य करेगी, जिसके अंतर्गत आयरन एवं स्टील कारोबार एक समर्पित इकाई के रूप में संचालित होगा. इससे विकास के नए अवसरों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने और दीर्घकालिक मूल्य सृजन को गति देने में मदद मिलेगी.
वेदांता की परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि- CEO
इस अवसर पर ईएसएल स्टील लिमिटेड के CEO एवं Whole-Time Director रवीश शर्मा ने कहा, कि वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड की लिस्टिंग वेदांता की परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. ईएसएल स्टील के अब एक समर्पित आयरन एवं स्टील व्यवसाय का हिस्सा बनने से हमें विकास के नए अवसरों का लाभ उठाने, परिचालन उत्कृष्टता को और मजबूत करने तथा सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजित करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि इस बदलाव के बावजूद ईएसएल स्टील अपनी मजबूत पहचान और सुशासन व्यवस्था के साथ पहले की तरह कार्य करती रहेगी.
ईएसएल स्टील अपनी सभी व्यावसायिक और परिचालन गतिविधियों को पहले की तरह जारी रखेगी. कंपनी को विश्वास है कि नई संरचना भविष्य के विकास को गति देने, परिचालन दक्षता बढ़ाने तथा सभी हितधारकों के लिए अधिक मूल्य सृजित करने में सहायक होगी.
डीमर्जर से क्या होगा लाभ?
वेदांता के डीमर्जर के तहत कंपनी के विभिन्न कारोबारों को अलग-अलग और केंद्रित कंपनियों के रूप में पुनर्गठित किया गया है. इसके तहत वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड, वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस तथा वेदांता पावर को स्वतंत्र रूप से सूचीबद्ध कंपनियों के रूप में स्थापित किया गया है, जबकि वेदांता लिमिटेड अपने बेस मेटल्स व्यवसाय के साथ कार्य करती रहेगी. इस नई संरचना का उद्देश्य प्रत्येक व्यवसाय को अपने मुख्य क्षेत्र पर अधिक ध्यान केंद्रित करने, विकास के अवसरों का लाभ उठाने, परिचालन प्रदर्शन को बेहतर बनाने तथा सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन करने में सक्षम बनाना है.
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