हजारीबाग-सिमरिया सड़क जाम से कोयला परिवहन ठप, ऊर्जा संयंत्रों पर मंडराया संकट, पांच दिनों से फंसे सैकड़ों ट्रक, चालकों के सामने भोजन-पानी का संकट, आमजन भी बेहाल

Hazaribagh: हजारीबाग-टंडवा–सिमरिया मार्ग पर जारी सड़क जाम अब केवल स्थानीय आवागमन की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर राज्य की...

Coal transport stalled due to the Hazaribagh-Simaria road blockage, threatening power plants, hundreds of trucks stranded for five days, drivers facing food and water shortages, and the public also suffering.

Hazaribagh: हजारीबाग-टंडवा–सिमरिया मार्ग पर जारी सड़क जाम अब केवल स्थानीय आवागमन की समस्या नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर राज्य की ऊर्जा व्यवस्था और कोयला परिवहन पर भी साफ दिखाई देने लगा है. 10 जुलाई को आंशिक रूप से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन 11 जुलाई से पूर्ण सड़क बंदी में बदल गया, जिसके बाद इस मार्ग से कोयला ढुलाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है. लगातार कई दिनों से जाम की स्थिति बनी रहने के कारण सैकड़ों कोयला लदे ट्रक विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं, जबकि ताप विद्युत संयंत्रों तक कोयले की नियमित आपूर्ति बाधित हो रही है.

कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार

जाम की सबसे गंभीर स्थिति डाड़ी नो-एंट्री प्वाइंट से लेकर खधैया तक टंडवा–सिमरिया मार्ग पर बनी हुई है. इसके अलावा सिमरिया–हजारीबाग मार्ग तथा सिमरिया–बगरा मार्ग पर भी भारी वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं. सड़क के दोनों ओर खड़े ट्रकों के कारण छोटे वाहनों और एंबुलेंस तक की आवाजाही प्रभावित हो रही है. कई स्थानों पर वैकल्पिक मार्ग भी जाम के दबाव में आ गए हैं.

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ऊर्जा संयंत्रों तक कोयला आपूर्ति प्रभावित

इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कोयला विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों तक भेजा जाता है. सड़क बंद रहने से कोयला परिवहन लगभग ठप हो गया है. लगातार कई दिनों से आपूर्ति बाधित रहने के कारण ऊर्जा संयंत्रों में कोयले का स्टॉक प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो बिजली उत्पादन पर भी इसका असर पड़ सकता है.

ट्रक चालकों की बढ़ी मुश्किलें

सबसे अधिक परेशानी जाम में फंसे ट्रक चालकों और खलासियों को हो रही है. सुरक्षा कारणों से वे अपने वाहन छोड़कर कहीं नहीं जा सकते. कई चालक 10 जुलाई से ट्रकों में ही दिन-रात गुजार रहे हैं. भोजन, पेयजल, स्नान और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव लगातार गंभीर होता जा रहा है. कई चालकों का कहना है कि सीमित संसाधनों के सहारे वे किसी तरह समय बिता रहे हैं.

आम जनजीवन भी प्रभावित

सड़क जाम का असर केवल कोयला परिवहन तक सीमित नहीं है. छात्र-छात्राएं, मरीज, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और अन्य यात्री घंटों जाम में फंस रहे हैं. कई लोगों को समय पर अस्पताल और कार्यस्थल नहीं पहुंच पाने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय व्यापार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है.

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प्रदर्शन समाप्त नहीं होने से बढ़ रही चिंता

प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है. सड़क बंदी जारी रहने से परिवहन कंपनियों, उद्योगों और आम लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द वार्ता कर समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा इसका व्यापक आर्थिक असर भी देखने को मिलेगा.

प्रशासन से जल्द समाधान की मांग

स्थानीय नागरिकों, ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों ने प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर सड़क जाम समाप्त कराने की मांग की है. उनका कहना है कि लंबे समय तक राष्ट्रीय महत्व के इस मार्ग के बंद रहने से न केवल कोयला परिवहन प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम जनजीवन, व्यापार और बिजली उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर भी गंभीर संकट गहराता जा रहा है.

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