Ranchi: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के JPSC कार्यालय घेराव के ऐलान और लगाए गए आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस के महासचिव एवं मीडिया विभाग के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि भाजयुमो का आंदोलन युवाओं के हित के लिए नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश है. उन्होंने कहा कि भाजपा के शासनकाल में 19 वर्षों के दौरान केवल पांच बार JPSC परीक्षाएं आयोजित हुईं. दूसरी JPSC परीक्षा विवादों में रही और उस मामले में कार्रवाई भी हुई. वहीं छठी JPSC परीक्षा, जो रघुवर दास सरकार के समय शुरू हुई थी, उसे बाद में हेमंत सोरेन सरकार ने पूरा कराया और 326 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की गई. लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बताया कि इसके बाद 2021 में सातवीं से दसवीं JPSC परीक्षा के जरिए 252 पदों पर बहाली हुई वर्ष 2024 में 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा के माध्यम से 342 पदों पर नियुक्तियां की गईं. वहीं 14वीं JPSC परीक्षा के तहत 103 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अभी चल रही है.
यह भी पढ़ें: सुबह हुआ विवाद, दोपहर में धारदार हथियार से काटकर युवक की कर दी हत्या
JPSC पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत काम कर रहा: कांग्रेस
कांग्रेस नेता ने कहा कि JPSC पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत काम कर रहा है. सरकार युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार नियुक्तियां कर रही है, लेकिन भाजपा इसे स्वीकार नहीं कर पा रही है. इसलिए वह आयोग की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम पूरी तरह कानूनी और संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए जारी किए जाते हैं. भाजपा शासित राज्यों का हवाला देने वालों को पहले अपने राज्यों में होने वाले पेपर लीक और परीक्षाओं के रद्द होने जैसे मामलों पर जवाब देना चाहिए. लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं की उम्र सीमा सहित उनकी सभी उचित मांगों को लेकर गंभीर है. उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि अगर उसे सच में युवाओं की चिंता है तो वह केंद्र सरकार से दो करोड़ रोजगार देने के वादे पर जवाब मांगे. उन्होंने दावा किया कि JPSC को बदनाम करने की कोशिश सफल नहीं होगी और राज्य के युवा सच्चाई को समझते हैं.
