Ranchi: आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने आरोप लगाया है कि हेमंत सरकार ने पांच वर्ष पूर्व ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं आजसू प्रमुख सुदेश महतो, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस, मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत और पूर्व विधायक शिवपूजन मेहता को झूठे मुकदमे में फंसाया है. उन्हें जेल भेजने की साजिश की जा रही है. कोर्ट में उनलोगों के खिलाफ आरोप गठित करवाया जाना इसी दिशा में एक नया कदम है. प्रभाकर ने कहा कि नगर निकाय तथा पंचायत चुनाव में ओबीसी को आरक्षण दिलवाने के लिए आजसू पार्टी सड़क से सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी, जिसके कारण झामुमो–कांग्रेस नाराज है. सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी के सुप्रीम कोर्ट जाने पर नगर निकाय और पंचायत में ओबीसी आरक्षण देने पर राज्य सरकार मजबूर हुई है.
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आजसू पार्टी का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा
प्रभाकर ने कहा कि झारखंड में ओबीसी आरक्षण समेत सर्वसमाज के अधिकार, सम्मान और सुरक्षित भविष्य के लिए आजसू पार्टी का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा. जनहित के मुद्दों पर आजसू के संघर्ष को राज्य सरकार लाठी-गोली के दम पर दबा नहीं सकती. राज्य सरकार ने 2021 में आजसू के जनांदोलन ’सामाजिक न्याय मार्च’ का नेतृत्व कर रहे सुदेश महतो, चंद्रप्रकाश चौधरी समेत हजारों कार्यकर्ताओं पर लाठी चलवाई और उल्टा झूठे मुकदमे में फंसाया, ताकि ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलवाने की आवाज को दबाया जा सके.
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