महिला आक्रोश मार्च कलः राजधानी रांची की सड़कों पर दिखेगी आधी आबादी की ताकत : अन्नपूर्णा देवी

Ranchi: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित नहीं होने के विरोध में राजधानी...

Ranchi: केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित नहीं होने के विरोध में राजधानी रांची में शनिवार को होने वाले महिला आक्रोश मार्च में हजारों महिलाएं सड़क पर उतर कर अपना दमखम दिखाएंगी. यह किसी विशेष राजनीतिक पार्टी का नहीं बल्कि पूरी आधी आबादी का कार्यक्रम है. शनिवार को सुबह 10 बजे से मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा कार्यक्रम होना है. यह आंदोलन स्वत: स्फूर्त है. जिसमें महिलाओं के अलावा आम लोगों की भी बड़ी भागीदारी होगी.

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महिला विरोधियों को नारी शक्ति की ताकत का अहसास कराना जरूरी

केंद्रीय मंत्री ने सभी महिलाओं से आह्वान किया है कि वे चाहे वे किसी भी दल या सामाजिक संगठन से जुड़ी हों, सभी को अपने अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की जरूरत है. इस आक्रोश मार्च में शामिल होकर महिला विरोधियों को नारी शक्ति की ताकत का अहसास कराना जरूरी है.

कांग्रेस, झामुमो, राजद का महिला विरोधी चेहरा हो चुका है उजागर

अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि यहां की सरकार में शामिल कांग्रेस, झामुमो, राजद का महिला विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है. इंडी गठबंधन और कांग्रेस की पुरानी चाल है कभी वह महिलाओं को कभी आरक्षण देना ही नहीं चाहती. समाजवादी पार्टी की यही मंशा रही है. इन दलों के नापाक मंसूबे के कारण संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हो पाया. इसको लेकर देश भर की महिलाओं के अंदर खासा आक्रोश व्याप्त है. महिलाएं अपने-अपने अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए आंदोलनरत हैं. इसी निमित्त राजधानी रांची में भी शनिवार को आक्रोश मार्च निकाला जाएगा.

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अपमान का बदला नारी समाज लेकर रहेगी

विपक्षी दलों ने महिलाओं का जिस प्रकार से अपमान किया है, उसका बदला नारी समाज हर हाल में लेकर रहेगी. जरूरत पड़ेगी तो महिलाएं इन विपक्षी दलों के नेताओं को जगह-जगह से खदेड़ने का भी काम करेगी. महिलाओं के अधिकारों पर जो वार किया गया है, उसके लिए कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन जिम्मेदार है. बहनों-बेटियों की आवाज को इंडी गठबंधन ने दबाने का प्रयास किया है. जिसके खिलाफ अब झारखंड की नारी शक्ति का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा. मोदी सरकार ने कितना सुनहरा मौका दिया था कि आधी आबादी को उनका अधिकार मिल जाए परंतु इंडी गठबंधन ने अपनी आदत के अनुसार उस अवसर पर पानी फेरने का काम किया है.

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