रांची में सहकारिता को मिलेगी नई रफ्तार, किसानों की सुविधा बढ़ाने के लिए DCDC बैठक में लिए गए कई बड़े फैसले

Ranchi: जिले में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचाने को लेकर मंगलवार को...

DCDC meeting
DCDC बैठक

Ranchi: जिले में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी तरीके से पहुंचाने को लेकर मंगलवार को समाहरणालय स्थित ब्लॉक-ए सभागार में जिला सहकारी विकास समिति (DCDC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने की.  बैठक में सहकारिता क्षेत्र के विस्तार, निष्क्रिय समितियों के पुनर्गठन, पैक्सों के आधुनिकीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं को बढ़ाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए. अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इन फैसलों से जिले में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिलेगी और किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी सीधा लाभ पहुंचेगा. बैठक में अपर समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.

पैक्सों का तेजी से होगा डिजिटलीकरण

बैठक में जानकारी दी गई कि केंद्र सरकार की “कंप्यूटराइजेशन ऑफ पैक्स” योजना के तहत रांची जिले के 306 लैम्पसों में से पहले चरण में 169 लैम्पसों को कंप्यूटर उपलब्ध कराए जा चुके हैं. वहीं दूसरे चरण में 28 और लैम्पसों को शामिल किया गया है. उपायुक्त ने चयनित समितियों का प्रस्ताव जल्द विभाग को भेजने का निर्देश दिया.

गोदाम और कार्यालय भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराने की पहल

जिन सहकारी समितियों के पास अपने गोदाम और कार्यालय भवन नहीं हैं, उनके लिए जमीन आवंटन की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने कहा कि संबंधित अंचलाधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.

निष्क्रिय समितियों पर सख्ती, नई समितियों के गठन की तैयारी

बैठक में लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी मत्स्य, दुग्ध और अन्य सहकारी समितियों की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने ऐसी समितियों की सूची तैयार कर परिसमापन की प्रक्रिया शुरू करने और उनकी जगह नई समितियों के गठन का निर्देश दिया.

मत्स्य और दुग्ध समितियों के निबंधन में बढ़ोतरी

समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025 में जिले में 12 मत्स्यजीवी और 58 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों का निबंधन किया गया था. वहीं वर्ष 2026 में अब तक 5 मत्स्यजीवी और 7 दुग्ध उत्पादक समितियां पंजीकृत हो चुकी हैं.

झारसेवा पोर्टल से जुड़ेंगी समितियां

सीएससी आईडी प्राप्त समितियों को झारसेवा पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया. अब तक 70 समितियों को यह सुविधा मिल चुकी है, जबकि बाकी समितियों के लिए प्रक्रिया जारी है.

“किसान समृद्धि केंद्र” के रूप में विकसित होंगी समितियां

वित्तीय वर्ष 2023-24 में 78 समितियों ने 15 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त कर खाद लाइसेंस हासिल किया है. उपायुक्त ने इन समितियों को “पीएस किसान समृद्धि केंद्र” के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को एक ही जगह पर अधिक सुविधाएं मिल सकें.

जन औषधि केंद्र खोलने के लिए प्रोत्साहन

अनगड़ा प्रखंड के सालहन लैम्पस द्वारा सफलतापूर्वक संचालित जन औषधि केंद्र की सराहना करते हुए अन्य समितियों को भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.

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