Ranchi: झारखंड में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताते हुए राइज अप के फाउंडर ऋषभ आनंद ने सड़क सुरक्षा से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग उठाई है. इस संबंध में उन्होंने झारखंड सरकार के परिवहन विभाग को एक विस्तृत पत्र भेजा है. पत्र में वर्ष 2023 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि दुर्घटना की गंभीरता के मामले में झारखंड देश में तीसरे स्थान पर है, जो राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर स्थिति को दर्शाता है.
पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सख्त नियमों की मांग
ऋषभ आनंद ने अपने पत्र में पैदल यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने, सुरक्षित पैदल पार पथ (जेब्रा क्रॉसिंग) की व्यवस्था सुनिश्चित करने और हेलमेट की अनिवार्यता का सख्ती से पालन कराने की मांग की है. इसके साथ ही गलत दिशा में वाहन चलाने और खतरनाक ओवरटेकिंग पर रोक लगाने पर भी जोर दिया गया है.
उन्होंने दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की पहचान कर उनके सुधार, इंडियन रोड्स कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुसार सड़क सुरक्षा ऑडिट और उचित साइनज लगाने की आवश्यकता भी बताई है. साथ ही फुटपाथ और पैदल पार पथ से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित करने की बात कही है.
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सामाजिक संगठनों ने भी दिया समर्थन
इस पहल में लाइफ सेवर्स रांची के सदस्य अतुल गेरा, विशाल एच शाह, मोहित चोपड़ा और पराग श्रीवास्तव भी शामिल हैं. सभी ने सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है.
