Ranchi: डोरंडा-नामकुम पथ चौड़ीकरण से संबंधित मुवावजे के मामले में जस्टिस राजेश कुमार के कोर्ट में आज जावेद अनवर एवं अन्य के कंटेंप्ट केस में सुनवाई हुई जिसमें कोर्ट के आदेश पर जिला भू अर्जन पदाधिकारी, राँची सशरीर उपस्थित हुए.
कोर्ट के आदेश के बावजूद पेश नहीं किए गए मूल दस्तावेज
न्यायालय ने जिला भू अर्जन पदाधिकारी को पिछली सुनवाई के दौरान भू अर्जन से संबंधित मूल दस्तावेज तथा अवॉर्ड कोर्ट के समक्ष पेश करने का आदेश दिया था परंतु सरकार की तरफ से कोई कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया l सरकार की ओर से दायर हलफनामे से असंतुष्ट होते हुए.
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सोमवार को फिर सशरीर उपस्थित होने का निर्देश
न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी की तथा कहा कि सरकारी पदाधिकारी जान बूझ कर भू अर्जन से संबंधित दस्तावेज कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर रहे इससे सरकार की मंशा साफ दिखती है कि सरकारी पदाधिकारी मिली भगत कर गैर रैयतों को अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. न्यायालय ने आगामी सोमवार को जिला भू अर्जन पदाधिकारी, रांची को अवॉर्ड तथा भू अर्जन से संबंधित मूल दस्तावेज के साथ फिर से सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया है. मामला तेरह साल पुराने भू अधिग्रहण से संबंधित है. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव ने पैरवी की. न्यायालय ने कहा कि इससे साफ प्रतीत होता है कि संस्थाएं कितनी भ्रष्ट है. अदालत ने आगामी सोमवार को जिला भू अर्जन पदाधिकारी, रांची को अवॉर्ड तथा भू अर्जन से संबंधित मूल दस्तावेज के साथ फिर से सशरीर उपस्थित होने का आदेश दिया है. मामला तेरह साल पुराने भू अधिग्रहण से संबंधित है, याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अभिषेक श्रीवास्तव ने पैरवी की.
