Giridih: निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान के तहत शुक्रवार को नगर भवन, गिरिडीह में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त रामनिवास यादव और उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला में अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, मीडिया प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों ने भाग लिया.
उपायुक्त ने नशे के दुष्प्रभाव बताए
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है. नशे के कारण घरेलू हिंसा, अपराध और सामाजिक विकृतियां बढ़ती हैं. उन्होंने लोगों से ड्रग्स, गांजा, डेंड्राइट, तंबाकू, गुटखा और अन्य मादक पदार्थों से दूर रहने की अपील करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा आवश्यकता पड़ने पर नशामुक्ति केंद्रों की सहायता लेने का आग्रह किया.
महिलाओं को बताया बदलाव की ताकत
उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि नशा आज सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक चुनौती बन चुका है. युवाओं को इससे बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जागरूकता अभियान की सशक्त वाहक बताते हुए गांव-गांव तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का आह्वान किया.
युवाओं के भविष्य पर चिंता
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी अनिता कुजूर ने कहा कि नशे की लत युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है और समाज के समग्र विकास



