Ranchi: राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसमें जेल में बंद धनबाद के गैंगस्टर फहीम खान की रिहाई(प्री मेच्योर रिलीज) के लिए राज्य सरकार को छह महीने के अंदर विचार करने का निर्देश दिया गया था. फहीम खान ने अपनी रिहाई के लिए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटटखटाया था.
1984 की नीति के आधार पर रिलीज पर विचार
उसकी याचिका पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की कोर्ट में सुनवाई हुई थी. सुनवाई के बाद 11 नवंबर को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिया था कि 1984 में बनी निति के आधार पर राज्य सरकार फहीम खान को सजा पूरी करने और अन्य तथ्यों को देखते हुए रिहा (प्री मेच्योर रिलीज) करने पर छह महीने में विचार करे. जिसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर झारखंड हाईकोर्ट के इस आदेश को चुनौती दी है.

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20 साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं फहीम खान
राज्य सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है और इस मामले की अगली सुनवाई के लिए जुलाई महीने की तारीख मुकर्रर की है. बता दें कि फहीम खान ने 20 साल से अधिक का समय जेल में काट लिया है और उनकी सजा की अवधि पूरी हो चुकी है लेकिन सजा पुनरीक्षण बोर्ड द्वारा उनके आवेदन पर निर्णय नहीं लिया गया था और उसकी रिहाई की मांग ठुकरा दी गई थी.
