SAURAV SINGH
Ranchi: राज्य में आगामी मुहर्रम पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है. आईजी अभियान नरेंद्र कुमार सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है. आईजी अभियान ने यह रिपोर्ट सभी जिलों के एसएसपी, एसपी को भेजकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.
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मुहर्रम पर्व 26 जून को मनाए जाने की संभावना
रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष मुहर्रम पर्व 26 जून को मनाए जाने की संभावना है, हालांकि चांद दिखने के आधार पर तारीख में बदलाव हो सकता है. पर्व के दौरान मुस्लिम समुदाय द्वारा पारंपरिक रूप से ताजिया और जुलूस निकाले जाते हैं. साथ ही, इमामबाड़ों में प्रत्येक दिन शस्त्र संचालन का अभ्यास और बैंड-बाजा बजाया जाता है. आईजी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों में दोनों समुदायों के लोग मिश्रित रूप से रहते हैं, वहां दूसरे पक्ष द्वारा इसका विरोध किए जाने की आशंका रहती है. पूर्व के वर्षों में हुए कुछ सांप्रदायिक तनावों को देखते हुए इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं.
खेतको हादसे से सबक, बिजली के लटकते तारों पर रहेगी विशेष नजर
आईजी अभियान ने अपनी रिपोर्ट में साल 2023 में बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र के खेतको में हुई घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया है. बता दें कि वहां ताजिया भ्रमण के दौरान 11,000 वोल्ट के हाईटेंशन बिजली के तार की चपेट में आने से 13 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनमें से इलाज के दौरान 4 लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे से सबक लेते हुए इस बार बिजली विभाग से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है. पुलिस अधिकारियों को कहा गया है कि वे जुलूस के रास्तों पर नीचे लटके और कमजोर बिजली के तारों को समय रहते दुरुस्त करवाएं ताकि कोई अप्रिय घटना न हो.
सुरक्षा और तैयारी को लेकर आईजी अभियान के प्रमुख निर्देश
– धार्मिक स्थलों की सुरक्षा: सभी जिलों में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और वहां सुरक्षा बलों के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे.
– शांति समिति की बैठकें: सभी थाना क्षेत्रों में समय रहते शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएं, यदि कोई पुराना या संभावित विवादित बिंदु हो, तो दोनों पक्षों को बिठाकर उसका समाधान पहले ही निकाल लिया जाए.
– आकस्मिक स्थिति की तैयारी: किसी भी अप्रिय या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक स्तर पर पुलिस और सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड पर रखा जाए.
– उपद्रवियों पर कार्रवाई: जो लोग पूर्व में सांप्रदायिक तनाव या दंगों में शामिल रहे हैं और वर्तमान में भी उनसे विवाद पैदा करने की आशंका है, ऐसे असामाजिक तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाए.
– सोशल मीडिया पर कड़ी नजर: मुहर्रम के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और व्हाट्सएप ग्रुप्स की विशेष रूप से मॉनिटरिंग की जाएगी. अफवाह फैलाने या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों को चिन्हित कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
– निर्धारित मार्ग से ही निकलेगा जुलूस: पुलिस पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मुहर्रम का जुलूस केवल प्रशासन द्वारा पहले से तय रूट से ही गुजरे. किसी भी नए मार्ग की अनुमति नहीं दी जाएगी.
– विवादित रास्तों पर पाबंदी: जुलूस को किसी भी ऐसे मार्ग से ले जाने की अनुमति नहीं होगी, जहां पूर्व में कभी सांप्रदायिक विवाद या तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई हो.
– अवैध गतिविधियों पर छापेमारी: पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पशु तस्करी, अवैध बूचड़खानों, अवैध मादक पदार्थों और शराब के ठिकानों पर सघन छापेमारी कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
– ड्रोन और वीडियोग्राफी से निगरानी: सुरक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए पुलिस के वाहनों में वीडियोग्राफी की व्यवस्था होगी. इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों और जुलूस के मार्गों पर ड्रोन कैमरों से पल-पल की निगरानी रखी जाएगी.
– डीजे और भड़काऊ गानों पर रोक: जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के उत्तेजक, अश्लील या दूसरे समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाने वाले विवादित गानों को डीजे पर बजाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी.
– ऊंची इमारतों पर पुलिस बल की तैनाती: जुलूस के पूरे मार्ग में स्थित सरकारी और गैर-सरकारी ऊंची इमारतों की छतों पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, ताकि असामाजिक तत्वों की हरकतों पर नजर रखी जा सके.
