Ranchi: चोरी ऊपर से सीना जोरी. सुना सभी ने होगा, लेकिन देख अब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग रहा है. मामूली सा थर्ड ग्रेड का कर्मी, 23 करोड़ रुपए का घोटाला कर देता है और विभाग को भनक तक नहीं होती. रकम इतनी ज्यादा थी कि ईडी को इंट्री लेना पड़ा. ईडी संतोष कुमार के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुका है. लेकिन विभाग को संतोष कुमार खूब हंफा रहा है. मामला यहां तक पहुंच गया कि विभाग की तरफ से मीडिया को विज्ञापन के जरिए प्रेस रिलीज जारी करना पड़ा. रिलीज में लिखा गया है कि विभाग की तरफ से संतोष कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही है, लेकिन संतोष कुमार हाजिर ही नहीं हो रहे हैं.
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पांच बार विभाग ने भेजा बुलावा, संतोष ने दिखाया ठेंगा
अभी तक विभाग की तरफ से संतोष कुमार को हाजिर होने के लिए पांच बार बुलावा भेजा जा चुका है. लेकिन संतोष को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ रहा. विभाग काफी मजबूर दिखायी दे रहा है. आपको बता दें कि संतोष कुमार को विभाग की तरफ से 22 जनवरी 2026, 6 फरवरी 2026, 20 फरवरी 2026, 6 मार्च 2026 और 25 मार्च 2026 को बुलावे के लिए पत्राचार किया गया, लेकिन संतोष विभागीय प्रक्रिया में उपस्थित नहीं हुआ.
विभाग का आखिरी अल्टीमेटम
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की तरफ से जो विज्ञापन अखबारों को दिया है, उसे एक अल्टीमेटम माना जा सकता है. विभाग की तरफ से कहा गया है कि पेयजल एवं स्वच्छता कार्यप्रणाली प्रमंडल, रांची में कार्यरत संतोष कुमार को अंतिम अवसर दिया जा रहा है. संतोष को 28 अप्रैल 2026 को 11:30 बजे नेपाल हाउस सचिवालय, रूम नंबर 213 में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है. निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में विभाग उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एकतरफा निर्णय लेगा. विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सूचना को व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशित किया जा रहा है, ताकि संबंधित व्यक्ति तक इसकी जानकारी सुनिश्चित रूप से पहुंच सके. लेकिन पूरी उम्मीद जतायी जा रही है कि संतोष हमेशा की तरफ हाजिर नहीं होगा.
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