Gumla: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के तत्वावधान में शिक्षा विभाग, गुमला द्वारा विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. जानकारी के अनुसार, जिले में 16 से 30 अप्रैल तक ‘जल पखवाड़ा 2026’ मनाया जा रहा है. इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न विद्यालयों में जल संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं.
प्रतियोगिताओं और सेमिनार के जरिए जागरूकता
विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर जिले के कई विद्यालयों में वाद-विवाद, क्विज और निबंध लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. इसके अलावा, जल एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर सेमिनार और विशेष परिचर्चा भी आयोजित की गई, जिससे विद्यार्थियों को जागरूक किया जा सके.
पोस्टर, शपथ और पौधरोपण में दिखा उत्साह
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टर बनाकर जल बचाने का संदेश दिया. साथ ही जल एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और पौधरोपण कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया. इन गतिविधियों ने बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ-साथ उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया.
उपायुक्त का संदेश
उपायुक्त गुमला, दिलेश्वर महतो ने अपने संदेश में कहा कि जल और पर्यावरण हमारे जीवन का आधार हैं और वर्तमान समय में इनका संरक्षण हमारी अनिवार्य जिम्मेदारी बन गई है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी आने वाले कल को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने सभी से जल के दुरुपयोग को रोकने और दैनिक जीवन में संरक्षण अपनाने की अपील की.
शिक्षा विभाग का प्रयास
जिला शिक्षा पदाधिकारी सुश्री कविता खलखो ने बताया कि जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस पहल को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और सतत पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके.
कार्यक्रम का उद्देश्य
जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और विद्यालय व समुदाय स्तर पर जल बचत को बढ़ावा देना है. उन्होंने बताया कि इन गतिविधियों में बच्चों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों व समुदाय का सहयोग सुनिश्चित किया जा रहा है.
ALSO READ: 50 हजार तक की साइबर ठगी में नहीं होगी FIR, बैंक सीधे लौटाएंगे पैसा
