Chatra: देश में लगातार बढ़ रही महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफे को लेकर पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोल की कीमतों में 10 दिनों के भीतर तीसरी बार बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम जनता का जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.

ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर उठाए सवाल
उन्होंने कहा कि “बहुत हुआ महंगाई की मार, अबकी बार मोदी सरकार” का नारा अब पूरी तरह फेल साबित हो चुका है. महंगाई आसमान छू रही है और लोगों की कमर टूट चुकी है. पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है. कई इलाकों में लोगों को समय पर डीजल और पेट्रोल तक नहीं मिल पा रहा है, जिससे यातायात और खेती-किसानी का काम प्रभावित हो रहा है.
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रसोई गैस और उज्ज्वला योजना पर टिप्पणी
सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में महंगाई चरम पर पहुंच गई है. रसोई गैस की किल्लत से लोग परेशान हैं. गैस सिलेंडर की कीमत इतनी बढ़ गई है कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार फिर से लकड़ी के चूल्हे का उपयोग करने को मजबूर हो गए हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना अब सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई है.
किसानों की बढ़ी चिंता
उन्होंने कहा कि डीजल महंगा होने से किसानों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ी है. खेती, सिंचाई, ट्रैक्टर और माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है. इसका सीधा असर खाद्यान्न और रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ रहा है. उन्होंने केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल और गैस के दामों पर तुरंत नियंत्रण लगाने की मांग की है.
