Giridih : गिरिडीह में लगातार बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है, उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आयोजित आपदा प्रबंधन बैठक में आमजन की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए. बैठक में पेयजल संकट को प्राथमिकता देते हुए खराब चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने, जरूरतमंद क्षेत्रों में जल टैंकरों की व्यवस्था करने और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. इसके साथ ही बिजली आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया गया, ताकि लोगों को भीषण गर्मी में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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अग्निशमन विभाग को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश
संभावित आगजनी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अग्निशमन विभाग को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है, वहीं स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों एवं चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि लू से प्रभावित लोगों को तत्काल उपचार मिल सके. भीषण गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए प्रशासन ने सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए सुबह 7 बजे से 11 बजे तक कक्षाएं चलाने का निर्णय लिया है. इसके अलावा, जिलास्तर पर नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है, जिससे आपात स्थिति में लोगों को त्वरित सहायता मिल सके.

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अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें
प्रशासन ने किसानों को कम पानी वाली फसलों की योजना बनाने की सलाह दी है. साथ ही आमजनों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और लू से बचाव के सभी आवश्यक उपाय अपनाएं. जिला प्रशासन के इन कदमों से उम्मीद की जा रही है कि बढ़ती गर्मी के बीच आम लोगों को राहत मिलेगी और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा.

