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प्रशासन, श्रम विभाग और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त कार्रवाई, होटलों व प्रतिष्ठानों में चली सघन छापेमारी
Giridih: जिला प्रशासन के निर्देश पर चलाए जा रहे “एक्शन मंथ” के तहत शनिवार को जमुआ प्रखंड में बाल श्रम उन्मूलन एवं बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता और छापेमारी अभियान चलाया गया. अभियान का उद्देश्य बाल मजदूरी जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ लोगों को जागरूक करना तथा बाल श्रम में संलिप्त बच्चों को मुक्त कराकर उन्हें शिक्षा एवं अन्य अधिकारों से जोड़ना था. अभियान की शुरुआत जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन बनवासी विकास आश्रम की टीम द्वारा जमुआ प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अमल कुमार से मुलाकात के साथ हुई. इस दौरान बाल श्रम उन्मूलन, बाल संरक्षण तथा बच्चों के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों पर विस्तृत चर्चा की गई.
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बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध
बीडीओ अमल कुमार ने कहा कि बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है. उन्होंने कहा कि प्रशासन बाल श्रम के खिलाफ चल रहे अभियानों को लगातार समर्थन देता रहेगा तथा इस दिशा में कार्यरत सामाजिक संस्थाओं को हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा. उन्होंने वनवासी विकास आश्रम एवं जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाजहित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया. इसके बाद हीरोडीह थाना परिसर में बाल श्रम निषेध एवं बाल अधिकारों को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में थाना प्रभारी महेश चंद्र सहित पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों को बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम तथा बच्चों के संरक्षण से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई. अधिकारियों ने बाल श्रम से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और विभागीय समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया.
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चलाया गया छापेमारी अभियान
जागरूकता कार्यक्रम के उपरांत श्रम विभाग, पुलिस प्रशासन तथा जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन-वनवासी विकास आश्रम की संयुक्त धावा दल टीम ने जमुआ के कादंबरी क्षेत्र में विभिन्न होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन छापेमारी अभियान चलाया. जांच के दौरान कई प्रतिष्ठानों में बच्चों से काम कराए जाने का मामला सामने आया. छापेमारी के दौरान रिद्धि सिद्धि होटल से एक बच्चा, सिमी स्वीट्स से दो बच्चे तथा प्रिया अंजलि मिष्ठान भंडार से एक बच्चा बाल श्रम करते हुए पाया गया. सभी चार बच्चों को तत्काल मुक्त कराते हुए उनके पुनर्वास एवं आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई. संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई है. अभियान में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अजय कुमार, वनवासी विकास आश्रम के सचिव सुरेश शक्ति, सीएसडब्ल्यू उज्जवल मिश्रा, उत्तम कुमार, हीरोडीह थाना प्रभारी महेश चंद्र एवं पुलिस बल की सक्रिय भागीदारी रही. अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है. इसे समाप्त करने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी भी आवश्यक है. उन्होंने आम नागरिकों, होटल संचालकों एवं व्यवसायियों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में बच्चों से मजदूरी न कराएं और उन्हें शिक्षा से जोड़ने में सहयोग करें. साथ ही लोगों से यह भी आग्रह किया गया कि यदि कहीं बाल श्रम की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें, ताकि बच्चों को शोषण से मुक्त कराकर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाया जा सके. प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम के खिलाफ इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे. क्षेत्र में चलाया गया यह संयुक्त अभियान बच्चों के अधिकारों की रक्षा, बाल संरक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने और बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.


