Godda: जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े पोड़ैयाहाट पंचायत के मुखिया अनुपम भगत उर्फ लड्डू पर जानलेवा हमला कर दिया. मुख्य बाजार स्थित पंडित टोला कांबली बगीचा के समीप अपराधियों ने मुखिया को निशाना बनाकर दो राउंड फायरिंग की. गनीमत यह रही कि इस हमले में मुखिया बाल-बाल बच गए. घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है. आक्रोशित हजारों ग्रामीणों ने पोड़ैयाहाट थाने का घेराव कर अपराधियों के एनकाउंटर की मांग की है.
बैंक से लौटते वक्त घात लगाकर बैठे थे अपराधी:
जानकारी के अनुसार, मुखिया अनुपम भगत भारतीय स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा से अपना काम निपटाकर घर लौट रहे थे. इसी दौरान पंडित टोला कांबली बगीचा के पास पहले से घात लगाए दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार अपराधियों ने उन्हें घेर लिया. अपराधियों ने अत्यंत करीब से मुखिया पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. दो राउंड हुई इस फायरिंग की आवाज से पूरे बाजार में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई, हालांकि, किस्मत अच्छी थी कि गोलियां मुखिया के पास से गुजर गईं और वे सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे. वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी अपनी बाइक पर सवार होकर तेजी से फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन के दौरान घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया है.
मुखिया ने किया नामजद केस, नयन, अंकित और विकास पर आरोप:
जानलेवा हमले से सुरक्षित बचे मुखिया अनुपम भगत ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्होंने हमलावरों को साफ तौर पर पहचान लिया है. उन्होंने तीन अपराधियों को नामजद करते हुए बताया कि, नयन यादव अंकित यादव, विकास यादव शामिल है. मुखिया ने आरोप लगाया कि ये सभी अपराधी एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी हत्या करने के इरादे से आए थे.
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शैलेंद्र भगत हत्याकांड की गवाही बनी हमले की वजह:
यह मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि मुखिया अनुपम भगत वर्ष 2024 के बहुचर्चित शैलेंद्र भगत हत्याकांड के मुख्य गवाह हैं. मुखिया ने हाल ही में न्यायालय में जाकर आरोपियों के खिलाफ मजबूती से गवाही दी थी. ग्रामीणों और खुद मुखिया का मानना है कि इसी गवाही का बदला लेने और उन्हें रास्ते से हटाने के लिए अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है. मुखिया पर दिनदहाड़े गोलीबारी की खबर आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई. देखते ही देखते आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में ग्रामीण पोड़ैयाहाट थाने पर जमा हो गए और थाने का घेराव कर दिया. आक्रोशित भीड़ ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे दिनदहाड़े जनप्रतिनिधियों पर गोलियां चला रहे हैं. पुलिस प्रशासन को इन अपराधियों को पकड़कर तुरंत एनकाउंटर करना चाहिए.



