Hazaribagh : कटकमदाग थाना क्षेत्र के रेवाली गांव की रहने वाली 70 वर्षीय विधवा और वरिष्ठ नागरिक रुक्मणी देवी ने अपनी ही पुत्रवधु पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाते हुए थाना में लिखित आवेदन देकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है. उन्होंने आशंका जताई है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो उनके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है.
पति के निधन के बाद बढ़ी प्रताड़ना
आवेदन में रुक्मणी देवी ने बताया है कि उनके पति स्वर्गीय राजेंद्र नाथ शर्मा के निधन के बाद उनकी दूसरी पुत्रवधु आरती कुमारी का व्यवहार लगातार आक्रामक होता गया. उनका आरोप है कि पुत्रवधु उन्हें घर से निकालने और उनके कमरे पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनका भरण-पोषण बड़े पुत्र द्वारा किया जा रहा है, लेकिन पुत्रवधु लगातार उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही है. वृद्धा का आरोप है कि पुत्रवधु देर रात तक घर में जोर-जोर से चिल्लाकर विवाद करती है, जिससे उनका मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं लगातार हो रही हैं और वृद्धावस्था में यह सब सहन करना उनके लिए बेहद कठिन हो गया है.
CCTV के तार काटने का आरोप
रुक्मणी देवी ने आवेदन में उल्लेख किया है कि पुत्रवधु के पूर्व के व्यवहार से परेशान होकर उनके पति ने अपने जीवनकाल में घर में CCTV कैमरे लगवाए थे. उनका कहना है कि पति के निधन के बाद पुत्रवधु ने एक-एक कर दो कैमरों के तार काट दिए और अन्य कैमरों को कपड़े से ढक दिया, ताकि उसके द्वारा किए जाने वाले विवाद और हंगामे कैमरे में रिकॉर्ड न हो सकें. उन्होंने इस संबंध में तस्वीरें भी आवेदन के साथ संलग्न करने की बात कही है. आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके निजी बेडरूम से जुड़े शौचालय पर पुत्रवधु ने कब्जा कर लिया है. वृद्धा का कहना है कि पुत्रवधु जानबूझकर उसी शौचालय का इस्तेमाल करती है और वहां गंदगी फैलाकर उन्हें मानसिक रूप से परेशान करती है, जबकि उसके लिए अलग शौचालय की व्यवस्था पहले से की गई है.
घर में बंधक बनाने का भी लगाया आरोप
रुक्मणी देवी ने आरोप लगाया है कि कई बार पुत्रवधु घर के ग्रिल और मुख्य दरवाजे पर ताला लगा देती है, जिससे वह घर से बाहर नहीं निकल पातीं. उनका कहना है कि उन्हें घर के भीतर ही बंधक जैसी स्थिति में रहने को मजबूर किया जाता है. अपने आवेदन में वृद्धा ने आशंका जताई है कि उनकी पुत्रवधु कभी भी उनकी हत्या कर सकती है अथवा उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर कर सकती है. उन्होंने स्वयं को असहाय बताते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है. रुक्मणी देवी ने कटकमदाग थाना प्रभारी से अनुरोध किया है कि उन्हें पुत्रवधु की कथित प्रताड़ना से बचाया जाए तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि वह अपने जीवन का शेष समय सम्मान और शांति के साथ बिता सकें.
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