Giridih: डिजिटल युग में सोशल मीडिया की बढ़ती ताकत को देखते हुए गिरिडीह जिले की तेलोडीह पंचायत ने एक नई और अनोखी पहल की शुरुआत की है. पंचायत के मुखिया शब्बीर आलम ने स्थानीय सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करने तथा उन्हें पंचायत के विकास कार्यों से जोड़ने के उद्देश्य से सम्मान समारोह सह बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है. यह कार्यक्रम रविवार शाम 6:00 बजे पंचायत सचिवालय, तेलोडीह में आयोजित किया जाएगा.
पंचायत की नई पहल
यह पहल इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अब तक पंचायत स्तर पर सोशल मीडिया क्रिएटर्स को संगठित कर उन्हें विकास कार्यों के प्रचार-प्रसार से जोड़ने का ऐसा प्रयास बहुत कम देखने को मिला है. जिस तरह झारखंड सरकार राज्य के पर्यटन स्थलों के प्रचार के लिए सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की भूमिका को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है, उसी सोच को पंचायत स्तर पर आगे बढ़ाते हुए मुखिया शब्बीर आलम ने स्थानीय युवाओं को नई पहचान देने की पहल की है.
सम्मान और विचार-विमर्श
बैठक के दौरान तेलोडीह पंचायत क्षेत्र के सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, फेसबुक कंटेंट क्रिएटर्स, इंस्टाग्राम रील मेकर्स और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय युवाओं को सम्मानित किया जाएगा. साथ ही उनके साथ विचार-विमर्श कर पंचायत की विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं और पंचायत की उपलब्धियों को सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंचाने की रणनीति तैयार की जाएगी.
मुखिया ने बताया उद्देश्य
मुखिया शब्बीर आलम का मानना है कि आज सोशल मीडिया सूचना का सबसे प्रभावशाली माध्यम बन चुका है. यदि स्थानीय क्रिएटर्स पंचायत के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और जनहित से जुड़ी गतिविधियों को जिम्मेदारी के साथ लोगों तक पहुंचाएं, तो इससे न केवल पंचायत की सकारात्मक छवि बनेगी, बल्कि ग्रामीणों में सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी.
विकास कार्यों के प्रचार पर जोर
इस पहल के तहत स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स को वीडियो, रील्स, शॉर्ट्स और अन्य डिजिटल कंटेंट के माध्यम से पंचायत में हो रहे विकास कार्यों, स्वच्छता अभियान, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क निर्माण, महिला सशक्तिकरण और अन्य जनहितकारी गतिविधियों को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
युवाओं में उत्साह
स्थानीय युवाओं का कहना है कि पंचायत स्तर पर इस तरह का सम्मान और सहयोग मिलने से उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिलेगा. इससे न केवल उनकी पहचान बनेगी, बल्कि वे अपने क्षेत्र के विकास में भी सकारात्मक योगदान दे सकेंगे.
डिजिटल जागरूकता की दिशा में कदम
मुखिया शब्बीर आलम की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सोशल मीडिया की सकारात्मक भूमिका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में अन्य पंचायतें भी इस मॉडल को अपनाकर स्थानीय युवाओं और सोशल मीडिया क्रिएटर्स को विकास की मुख्यधारा से जोड़ सकती हैं.
