Hazaribagh : बरही बस पड़ाव में चुंगी के नाम पर कथित अवैध वसूली को लेकर बस ऑनर एसोसिएशन और ठेकेदार के बीच विवाद गहरा गया है. एसोसिएशन ने इस मामले को लेकर हजारीबाग जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की है. साथ ही सूचना के अधिकार के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं.
नियम से अधिक वसूली का आरोप
बस ऑनर एसोसिएशन का आरोप है कि बस पड़ाव की बंदोबस्ती की निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करते हुए वाहनों से तय शुल्क से अधिक राशि वसूली जा रही है. एसोसिएशन का कहना है कि वर्ष 2026-27 की बंदोबस्ती के अनुसार बड़े वाहनों से अधिकतम 40 रुपये चुंगी शुल्क निर्धारित है, जबकि मौके पर 70 रुपये तक की वसूली की जा रही है. एसोसिएशन का दावा है कि यह वसूली न केवल बंदोबस्ती की शर्तों के विरुद्ध है, बल्कि वाहन मालिकों और चालकों का आर्थिक शोषण भी है.
बाईपास पर भी वसूली का आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि NH-2 बाईपास पर स्थित विंध्यवासिनी होटल के पास भी चुंगी के नाम पर वाहनों से पैसे वसूले जा रहे हैं. एसोसिएशन का कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों में इस स्थान पर वसूली की कोई अनुमति नहीं दर्शाई गई है. बस मालिकों ने सवाल उठाया है कि यदि बिना सक्षम अनुमति के यह वसूली की जा रही है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है और किसके आदेश पर यह कार्य हो रहा है.
प्रशासनिक जांच की मांग
बस ऑनर एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाए कि बाईपास पर चुंगी वसूली की अनुमति किस आधार पर दी गई. निर्धारित दर से अधिक राशि क्यों वसूली जा रही है. बंदोबस्ती की शर्तों का उल्लंघन करने वालों पर क्या कार्रवाई होगी. न अब तक अवैध रूप से वसूली गई राशि का हिसाब सार्वजनिक किया जाए.
सूचना के अधिकार से जुटाई जानकारी
एसोसिएशन का कहना है कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे कथित अनियमितताओं की आशंका और मजबूत होती है. इसी आधार पर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की गई है. बस ऑनर एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन की ओर से जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. इसके लिए संबंधित न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के साथ-साथ सक्षम जांच एजेंसियों से भी शिकायत की जाएगी.

वाहन संचालकों में नाराजगी
लगातार अधिक चुंगी वसूली के आरोपों से बस संचालकों और चालकों में नाराजगी है. उनका कहना है कि निर्धारित शुल्क से अधिक राशि देने का सीधा असर परिवहन व्यवसाय पर पड़ रहा है और अंततः इसका बोझ यात्रियों पर भी पड़ सकता है. बंदोबस्ती की शर्तों के अनुरूप ही चुंगी वसूली सुनिश्चित की जाए. कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कराई जाए. दोषी पाए जाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाए. भविष्य में निर्धारित दरों की सूची सार्वजनिक रूप से बस पड़ाव पर प्रदर्शित की जाए. वाहन मालिकों और चालकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दिलाई जाए.
Also Read : सिमडेगा : मालवाहक ट्रक में लगी आग, चालक ने कूदकर बचाई जान
