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झारखंड पुलिस: सब इंस्पेक्टर के 6700 में से 2500 पद हैं खाली

Dheeraj kumar Ranchi: झारखंड पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर यानी दारोगा पद के लिए 2500 सीटें खाली हैं. वहीं झारखंड में दारोगा...

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Dheeraj kumar

Ranchi:  झारखंड पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर यानी दारोगा पद के लिए 2500 सीटें खाली हैं. वहीं झारखंड में दारोगा पद के लिए 6700 सीटें स्वीकृत हुई है. इनमें से करीब 4200 पदों के लिए वरीयता सूची (सीनियरिटी लिस्ट) भी तैयार कर ली गई है. इसके बावजूद तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों के कारण लगभग 2500 पद अब भी खाली पड़े हैं. पर्याप्त संख्या में पद खाली होने के बाद भी एएसआई से एसआई पद पर प्रोन्नति की प्रक्रिया अटकी हुई है, जिससे पुलिसकर्मियों में भारी निराशा है.

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सब इंस्पेक्टर (दारोगा) बनने की चाह रखने वाले अभ्यर्थी लंबे समय से कर रहे हैं इंतजार

झारखंड और पड़ोसी राज्य के युवा सब इंस्पेक्टर (दारोगा) बनने की चाह रखने वाले अभ्यर्थी लंबे समय से बहाली का इंतजार कर रहे हैं. झारखंड में सब इंस्पेक्टर की बहाली पिछली बार साल 2018 में हुई थी. झारखंड में दरोगा पद के लिए फॉर्म 2017 में निकाली गई थी लेकिन यह प्रक्रिया 2018 में पूरी हुई. झारखंड पुलिस के तहत दारोगा पद के लिए कुल 2650 पदों पर बहाली की गई थी. इसके बाद अब तक झारखंड राज्य में दारोगा पद के लिए बहाली नहीं निकाली गई है. लंबे समय से इंतजार कर रहे युवाओं की उम्र भी समाप्त होती जा रही है. लेकिन इन युवाओं का दुख दर्द सुनने वाला कोई नहीं है.

कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में दारोगा निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिका

किसी भी राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सब इंस्पेक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अनुसंधान कार्य में तेजी लाने के लिए सब इंस्पेक्टर के पदों को भरना बेहद जरूरी है. विभाग ने प्रोन्नति के योग्य एएसआई की स्क्रूटनी कर 4200 जवानों की वरीयता सूची फाइनल कर ली है. राज्य के कई थानों में जांच अधिकारियों की भारी कमी है, जिसका सीधा असर आपराधिक मामलों के अनुसंधान पर पड़ रहा है.

एएसआई का छलक रहा है दर्द

प्रोन्नति की आस लगाए बैठे एएसआई के अधिकारियों का कहना है कि वे वर्षों से एक ही पद पर सेवा दे रहे हैं. योग्यता और पद खाली होने के बाद भी उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है. कई अधिकारी तो बिना प्रोन्नति पाए ही सेवानिवृत्त होने की कगार पर हैं. पुलिस एसोसिएशन ने भी इस मामले पर चिंता जताई है. एसोसिएशन का कहना है कि समय पर प्रोन्नति न मिलने से बल का मनोबल गिरता है. फील्ड में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अधिकारियों की कमी से थानों का कामकाज प्रभावित हो रहा है.

बहाली में आ रही अड़चनों को किया जा रहा है दूर

बताया जाता है कि गृह विभाग दारोगा पद की बहाली के लिए तैयारी कर रही है. बहाली में जितने भी प्रकार के अड़चन आ रही है उसको ठीक की जा रही है. कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि सरकार और मुख्यालय स्तर पर त्वरित निर्णय लिया गया, तो जल्द ही विभाग में बंपर प्रोन्नति की सौगात मिल सकती है और नई बहाली का रास्ता खुलेगी.

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