Ranchi: झारखंड में बिजली उत्पादन बढ़ाने की दिशा में बड़ी प्रगति हो रही है. राज्य में 2400 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने वाली दो बड़ी थर्मल पावर परियोजनाओं का निर्माण तेजी से चल रहा है. केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में इसकी जानकारी दी. ऊर्जा राज्य मंत्री श्रीपाद नाइक ने राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के सवाल के जवाब में बताया कि फिलहाल कोडरमा और पतरातु में बड़े बिजली परियोजनाओं पर काम जारी है, जिनके पूरा होने के बाद राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा.
कोडरमा में 1600 मेगावॉट की नई क्षमता
दामोदर वैली कॉरपोरेशन (DVC) कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन में 800-800 मेगावॉट की दो नई यूनिट बना रहा है. दोनों यूनिट शुरू होने के बाद यहां से कुल 1600 मेगावॉट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा.
पतरातू में जुड़ेगी 800 मेगावॉट की एक और यूनिट
वहीं, पतरातु विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) पतरातू थर्मल पावर स्टेशन की तीसरी 800 मेगावॉट यूनिट का निर्माण कर रहा है. PVUNL, NTPC और JBVNL का संयुक्त उपक्रम है.
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पांच साल में 2780 मेगावॉट की नई क्षमता
केंद्र सरकार के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में झारखंड में 2780 मेगावॉट क्षमता की थर्मल बिजली परियोजनाएं शुरू की गई हैं. इनमें नॉर्थ करनपुरा की 660-660 मेगावॉट की तीन यूनिटें और पतरातू की पहली 800 मेगावॉट यूनिट शामिल हैं. सरकार का कहना है कि बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी प्राथमिकता दी जा रही है. 31 मई 2026 तक देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता में 53.75% हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित स्रोतों का हो चुका है. साथ ही पीएम-कुसुम, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, PM-JANMAN और दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (DDUGJY) जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में भी नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार किया जा रहा है.
