Koderma : सामुदायिक स्वास्थय केंद्र चंदवारा में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है. जिससे स्थानीय स्वास्थय व्यवस्था पुरी तरह से ठप हो गई. इन कर्मियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थय सुविधाओं पर असर पड़ रहा है. दूर दराज से इलाज के लिये अस्पताल आ रहे लोग परेशान है. केंद्र में ओपीडी से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक में स्वास्थय कर्मी उपलब्ध नहीं हैं. जिससे मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

ठप पड़ी पैथोलॉजी, नहीं हो रही कोई जांच
अस्पताल में लैब से जुड़े कर्मियों के हड़ताल पर होने के कारण मरीजों की जांच पूरी तरह से बंद हैं. गरीब मरीज निजी सेंटरों में महंगे दामों पर जांच कराने को विवश हैं. कर्मियों के हड़ताल पर जाने से आयुष्मान कार्ड योजना भी पूरी तरह ठप है. तकनीकी और डेटा एंट्री ऑपरेटरों के न होने से इस योजना के तहत मरीजों का रजिस्ट्रेशन और इलाज नहीं हो पा रहा है.
दवा काउंटर पर ताला, वितरण ठप
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को डॉक्टर पर्ची तो लिख रहे हैं, लेकिन दवा वितरण केंद्र में कर्मियों की अनुपस्थिति के कारण मरीजों को मुफ्त दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं. हड़ताल का असर ये है कि मरीजों और उनके परिजनों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था ठप हो गई है. भीषण गर्मी में मरीज प्यास बुझाने के लिए बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं. अस्पताल परिसर में मौजूद एक बुजुर्ग मरीज के परिजन ने बताया कि सुबह से लाइन में लगे हैं. न तो जांच हो रही है और न ही दवाई मिल रहा है.
प्रशासनिक चुप्पी पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में इस अव्यवस्था को लेकर भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि आउटसोर्सिंग कर्मियों की मांगें अपनी जगह हैं. लेकिन इस तरह बिना वैकल्पिक व्यवस्था के स्वास्थय सेवाओं को भगवान भरोसे छोड़ देना आम जनता के जीवन से खिलवाड़ है.
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