Lohardaga: जिले के कुड़ु प्रखंड की पूर्वी क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य गंगोत्री देवी ने सोमवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर क्षेत्र की विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा. उन्होंने राज्यपाल से कुड़ु प्रखंड की मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए हस्तक्षेप करने और संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया.
राज्यपाल को समस्याओं से अवगत कराया
ज्ञापन के माध्यम से गंगोत्री देवी ने कुड़ु प्रखंड में वर्षों से लंबित स्वास्थ्य, पेयजल एवं आधारभूत संरचना से जुड़ी समस्याओं की ओर राज्यपाल का ध्यान आकृष्ट कराया. उन्होंने कहा कि कुड़ु प्रखंड कार्यालय के समीप एक अर्धनिर्मित रेफरल अस्पताल भवन वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है. यह भवन वित्तीय वर्ष 2007-08 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत बनाया जाना था, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण क्षेत्र की जनता आज तक इस सुविधा से वंचित है. यदि अस्पताल भवन का निर्माण पूरा हो जाता, तो क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकता था.उन्होंने वर्तमान में संचालित कुड़ु अस्पताल की स्थिति पर भी चिंता जताई. ज्ञापन में कहा गया कि अस्पताल संसाधनों और सुविधाओं के अभाव में स्वयं बीमार स्थिति में पहुंच चुका है. मरीजों को समुचित इलाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और अधिकतर मामलों में उन्हें बड़े अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है. इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की जान पर भी खतरा मंडराता रहता है.

पेयजल संकट गंभीर मुद्दा
पेयजल संकट को गंभीर मुद्दा बताते हुए गंगोत्री देवी ने कहा कि वर्ष 2020-21 से कुड़ु क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी हुई है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में लगभग आठ से नौ करोड़ रुपये की लागत से जलमीनार का निर्माण कराया गया था और संवेदक के कार्यकाल तक नियमित जलापूर्ति भी होती रही. लेकिन ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता समिति कुड़ु टाटी के अधीन जाने के बाद जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो गई. इस कारण ग्रामीणों को भीषण पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है और लोग पानी के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं.
नाली निर्माण की मांग की
इसके अलावा उन्होंने कुड़ु क्षेत्र के इंदिरा गांधी चौक से रांची रोड स्थित ढूलुवा खूटा तक सड़क के दोनों किनारों पर नाली निर्माण कराने की मांग भी उठाई. उनका कहना है कि नाली के अभाव में सड़क किनारे गंदगी का अंबार लगा रहता है और बरसात के दिनों में जलजमाव के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है.
ठोस कारवाई की मांग
गंगोत्री देवी ने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया कि इन समस्याओं को लेकर कई बार जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने राज्यपाल से शीघ्र हस्तक्षेप कर समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया. साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो विवश होकर जनता आंदोलन का रास्ता अपनाने पर मजबूर हो सकती है.उन्होंने आशा जताई कि राज्यपाल के संज्ञान लेने के बाद सरकार और जिला प्रशासन आवश्यक कार्रवाई करेगा, जिससे कुड़ु क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी और आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी.
AlsoRead:भारत की नदियां केवल जलधारा नहीं, बल्कि भारत की जीवनदायिनी: राज्यपाल
