Ranchi: झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले के किंगपिन ITS अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट के न्यायाधीश अनुभा रावत चौधरी की अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.
ACB ने किया जमानत का कड़ा विरोध
आज मामले में चली लंबी बहस के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के पैरोकार सुमित गाड़ोदिया ने कड़ा विरोध जताया. उन्होंने अदालत को बताया कि तत्कालीन प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे ने छत्तीसगढ़ के ITS अधिकारी अरुण पति त्रिपाठी के साथ मिलकर झारखंड में शराब घोटाले को अंजाम दिया था.
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दो राज्यों में घोटाले की साजिश का आरोप
अरुण पति त्रिपाठी छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में भी मुख्य भूमिका निभा चुके हैं. दरअसल, अरुण पति त्रिपाठी पर आरोप है कि उसने छत्तीसगढ़ के साथ-साथ झारखंड में भी शराब घोटाले की पटकथा लिखी.
नई उत्पाद नीति के दौरान मिली एंट्री
झारखंड में वर्ष 2022 के मई महीने में लागू नई उत्पाद नीति के दौरान छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में सक्रिय रहे सभी जालसाजों को विनय चौबे के साथ मिलकर झारखंड में एंट्री कराई गई.
