चावला मोड़ टंकी से NNB के 8000 लीटर टैंकरों से हो रही सप्लाई, वार्डों में लोग बूंद-बूंद को तरसे

Saraikela : खरसावां जिले में भीषण गर्मी और पेयजल संकट के बीच आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति को लेकर नया विवाद...

Saraikela : खरसावां जिले में भीषण गर्मी और पेयजल संकट के बीच आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जहां एक ओर आम नागरिक पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं, वहीं आरआईटी स्थित चावला मोड़ के समीप नगर निगम की पाइपलाइन व टंकी से निजी टैंकरों के माध्यम से एक निजी आवासीय सोसायटी तक पानी पहुंचाया जा रहा है. इस मामले में नगर निगम के वर्तमान डिप्टी मेयर अंकुर सिंह और उनके परिवार की निजी कंपनी ‘नवनिर्माण बिल्डर’ (NNB) पर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, चावला मोड़ स्थित पानी टंकी से नवनिर्माण बिल्डर के लगभग 8000 लीटर क्षमता वाले टैंकरों से रोजाना कई ट्रिप पानी एक निजी सोसायटी में भेजा जा रहा है.

आदित्यपुर में गहराया जल संकट, कई वार्डों में बूंद-बूंद पानी को तरसे लोग

आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में पिछले कई दिनों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है. वार्ड 12, 15, 17 और 19 के लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. महिलाएं और बच्चे बर्तनों के साथ हैंडपंप और निजी बोरिंग के चक्कर लगा रहे हैं. कई मोहल्लों में टैंकर भी नहीं पहुंच रहे. स्थानीय निवासी सुनीता देवी ने कहा, “हमारे घर में 3 दिन से नल में पानी नहीं आया. 500 रुपये देकर टैंकर मंगवाना पड़ रहा है. वहीं निगम की टंकी से प्राइवेट बिल्डर की सोसायटी में टैंकर से पानी जा रहा है.

यह कहां का न्याय है?”

मामले को लेकर नगर निगम के अधिकारियों ने अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. वहीं डिप्टी मेयर अंकुर सिंह से संपर्क नहीं हो पाया. स्थानीय पार्षदों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. वार्ड 17 के पार्षद राकेश महतो ने कहा, “अगर निगम की पानी टंकी से निजी कंपनी को सप्लाई दी जा रही है तो यह गंभीर मामला है. जनता को जवाब देना होगा कि किस आदेश से और कितने रुपये लेकर पानी दिया जा रहा है. DC से जांच की मांग करेंगे.”

जल संकट पर गरमाई सियासत, 24 घंटे में सप्लाई बहाल नहीं हुई तो निगम कार्यालय घेरने की चेतावनी

विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर नगर निगम प्रशासन और डिप्टी मेयर को घेरा है. आरोप लगाया कि सत्ता का दुरुपयोग कर आम जनता के हक का पानी निजी बिल्डरों को दिया जा रहा है. नगर निगम नियमानुसार, सरकारी जलापूर्ति योजना से निजी टैंकरों के जरिए व्यावसायिक या निजी सोसायटी को पानी देना प्रतिबंधित है. आपात स्थिति में भी दर निर्धारित कर बोर्ड से प्रस्ताव पास कराना होता है. फिलहाल आदित्यपुर में पानी को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे में नियमित जलापूर्ति बहाल नहीं हुई तो नगर निगम कार्यालय का घेराव किया जाएगा.
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