Palamu: उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मेदिनीनगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने छात्राओं की शैक्षणिक तैयारी, करियर मार्गदर्शन, विद्यालय की आवासीय व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता का गहन आकलन किया. उपायुक्त ने विद्यालय की वार्डन से मीनू चार्ट के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने की जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान रसोईघर में दाल की गुणवत्ता कम पाए जाने पर उन्होंने असंतोष व्यक्त किया और स्पष्ट निर्देश दिया कि छात्राओं के भोजन की पौष्टिकता एवं गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाए. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालयों में शिक्षा, भोजन और स्वच्छता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न कक्षाओं की छात्राओं से आत्मीय संवाद किया. कक्षा-12 की छात्राओं ने डॉक्टर, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बनने की इच्छा जताई, जिस पर उपायुक्त ने उन्हें सफलता के लिए अनुशासन और कड़ी मेहनत का मंत्र दिया. कक्षा-11 की एक छात्रा की पायलट बनने की इच्छा पर उन्होंने उसे संबंधित विषयों और प्रशिक्षण प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी. इसके अलावा, उन्होंने कक्षा-10 की छात्राओं को कम्युनिकेशन स्किल्स और आत्मविश्वास के महत्व को समझाया.
यह भी पढ़ें: RIMS-2 पर सियासी और जमीनी लड़ाई तेज, लोक भवन के बाहर हजारों रैयतों का प्रदर्शन
लक्ष्य प्राप्ति के लिए समय का सही प्रबंधन और निरंतर अध्ययन अनिवार्य : DC
उपायुक्त ने लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए छात्राओं के साथ अपने विद्यार्थी जीवन के अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए समय का सही प्रबंधन और निरंतर अध्ययन अनिवार्य है. उन्होंने छात्राओं से बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए संकल्पित रहने का आह्वान किया. अंत में उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में सभी आवश्यक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य और हितों के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिला प्रशासन छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
यह भी पढ़ें: पलामू : SIR व अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गरजे पूर्व मंत्री के.एन. त्रिपाठी
