Ranchi: रांची में प्रस्तावित RIMS-2 को लेकर विवाद तेज हो गया है. हाल ही में राज्य सरकार ने मंत्रिपरिषद की बैठक में फैसला लिया कि RIMS-2 का निर्माण पहले से चिन्हित जमीन पर ही होगा. इसके विरोध में शनिवार को नगड़ी के हजारों रैयत और ग्रामीण लोक भवन के बाहर जुटे और प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान रैयतों ने कहा कि वे अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे. उनका कहना था कि यह जमीन उनकी आजीविका का आधार है और इसके लिए वे आंदोलन जारी रखेंगे.
जमीन अधिग्रहण पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जिस जमीन पर RIMS-2 बनाने की बात कही जा रही है, उसका आज तक विधिवत अधिग्रहण नहीं हुआ है. उनका दावा है कि उन्होंने न तो अपनी जमीन सरकार को सौंपी है और न ही किसी तरह का मुआवजा लिया है. रैयतों ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों में गड़बड़ी हुई है. उनका कहना है कि पूरे मामले की न्यायिक या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके.
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने अब तक प्रभावित रैयतों के साथ कोई सार्थक बातचीत नहीं की है. उनका आरोप है कि किसानों और जमीन मालिकों की सहमति के बिना ही परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है. प्रदर्शन के दौरान कुछ रैयतों ने सरकार पर जमीन से जुड़े मामले में गंभीर आरोप भी लगाए. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी जमीन सुरक्षित नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा. उनका कहना है कि यह लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं, बल्कि किसानों के अधिकार और भविष्य की भी है.
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