Ranchi झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने तीखा हमला बोला है. उन्होंने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब अधिकारियों का तबादला महज एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं रह गया, बल्कि यह “कमाई का संगठित सिस्टम” बन चुका है. मरांडी ने दावा किया कि जिलों में नए एसपी और उपायुक्तों द्वारा मुख्यमंत्री को गुलदस्ता देना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे हुए कथित लेन-देन के पूरा होने का संकेत है. उनके मुताबिक, यह परंपरा अब सवालों के घेरे में है और प्रशासन की पारदर्शिता पर सीधा प्रहार करती है.
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सिस्टम के भीतर एक समानांतर नेटवर्क सक्रिय : बाबूलाल मरांडी
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि दलालों के जरिए खुलेआम वसूली हो रही है. हाल ही में सामने आई एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक दलाल की पिटाई इसलिए कर दी गई क्योंकि कथित तौर पर रकम “सही चैनल” तक नहीं पहुंची थी. यह घटनाक्रम इस ओर इशारा करता है कि सिस्टम के भीतर एक समानांतर नेटवर्क सक्रिय है. मरांडी ने आरोप लगाया कि आज झारखंड का प्रशासन अधिकारियों के हाथ में नहीं, बल्कि दलालों की एक पूरी फौज के नियंत्रण में चला गया है. उन्होंने राज्य सरकार से जवाब मांगते हुए इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
